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किसी का पता नहीं होता

Aditya Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये ज़िंदगी है जनाब, किसी का कोई पता नहीं होता...
        
                                                    
                            
कब कौन कहां रहे, किसी का पता नहीं होता...
कब कौन कहां धोखा देगा, किसी का कोई पता नहीं होता...
अज़मा के देख लिया सबको, कोई किसी का नहीं होता...
जिसको प्यार करो हद से भी ज़्यादा, वो भी छोड़ के चला जाता है,
कहीं उसका भी कोई पता नहीं होता है...
तुम किस परिस्थिति में हो कोई पूछेगा भी नहीं...
यहां तक पूछने के लिए अपनों का भी पता नहीं होगा...
ज़िंदगी है ये जनाब, यहां पर सभी मतलब के लोग मिलेंगे...
बिना मतलब के तुम्हारे साथ अपना भी नहीं होगा!!

 
1 सप्ताह पहले
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