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जीवंत शमशान

Aditi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवंत शमशान सा
        
                                                    
                            
सुस्त घाट सा
तटस्त धार सा
मनचली गलियों सा
लबालब नुक्कड़ सा
विचलित धाराओं सा
शांत मन सा ,
बैठा है वो मेरे भीतर
बनारस सा ।
2 महीने पहले
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