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ज़िन्दगी को खिताब दे दीजै

Abdul Hameed

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज़िन्दगी को खिताब दे दीजै
        
                                                    
                            
एक उम्दा  सा  बाब दे  दीजै

मयकशों को शराब दे दीजै
मय नज़र की जनाब दे दीजै

बस तमन्ना करी है दीपक की
कब कहा आफ़ताब दे दीजै

जेनज़ीपर चली थीलाठी क्यूँ
ज़ुल्मकाकुछ हिसाब दे दीजै

बस यही चाहता हमीद हुजूर
हाथ में इक किताब दे दीजै
-हमीद कानपुरी
 
एक दिन पहले
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