जन्म- 6 अक्टूबर 1944पार्टी- हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा
मई 2014 में लोकसभा चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया तो उन्होंने अपने विश्वस्त कैबिनेट मंत्री जीतन राम मांझी को बिहार के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलवाई. 1944 में जन्में जीतन राम मांझी अपनी लंबी राजनीति पारी कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल (यू) के साथ खेल चुके हैं.
उन्होंने कई मुख्यमंत्रियों के साथ काम किया. मुख्यमंत्री बनने के बाद से वे अपन बयानों की वजह से चर्चा में रहे. ऐसा माना जाता है कि उन्हें नीतीश कुमार ने अपने इशारे पर काम करने वाले व्यक्ति के रूप में मुख्यमंत्री बनाया था लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार करना शुरु कर दिया. एक समय ऐसा आया कि नीतीश कुमार से उनकी तल्खी बहुत बढ़ गई. आखिर में उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा.
जनता दल (यू) से निष्कासित किए जाने के बाद उन्होंने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नाम से अपनी पार्टी बना ली. इस समय वे भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में हैं और नीतीश कुमार की अगुवाई वाले महागठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हें. वे बिहार में अनुसूचित जनजाति के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और माना जाता है कि भाजपा ने इसी राजनीतिक गणित के साथ उन्हें अपने साथ रखा है.