असदुद्दीन ओवैसी
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जन्म- 13 मई 1969
पार्टी- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तदाहुल मुस्लिमीन
ये बात शायद बहुत कम लोगों को मालूम हो कि 2014 की 15 वीं लोकसभा में उन्हें सांसद रत्न के पुरस्कार नवाजा गया था। ओवैसी और विवादों का चोली दामन का साथ है। वो पहली बार विवादों में तब आए थे जब 16अप्रैल 2005 को उनकी पार्टी ने आंध्र के मेंडक जिले में एक सड़क बनने के दौरान मस्जिद गिराने के विरोध में प्रदर्शन किया था। बीते साल महाराष्ट्र के चुनाव में जब ओवैसी ने अपने प्रत्याशी को उतारने का एलान किया था, तब कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन का माथा ठनक गया था। कांग्रेस की ओर से तो यह भी कह दिया गया था कि ओवैसी को भाजपा मतदाताओं के वोट काटने के लिए ला रही है।
यही बात बड़े जोर शोर से बिहार चुनावों के संदर्भ में महागठबंधन मुस्लिम मतदाताओं के बीच दोहरा रहा है कि वो केवल वोट काटने के लिए भाजपा की ओर से डमी प्रत्याशी के तौर पर खड़े किए गए हैं।
ओवैसी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तदाहुल मुस्लिमीन के मुखिया हैं और हैदराबाद से मौजूदा सांसद। 1994 में जब ओवैसी पहली बार आंध्र विधानसभा के सदस्य चुने गए तो उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1999में वो दोबारा उसी सीट से विधायक चुने गए। विदेश से कानून की पढ़ाई कर के आए ओवैसी ने देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में पहली बार 2004 में कदम रखा और तब से लेकर अब तक लगातार 3 बार आंध्र की हैदराबाद सीट से सांसद चुने जा रहे हैं।