विज्ञापन

तरुण तरन्नुम: जिस को चाहा बस उसी ने ग़म दिया

काव्य डेस्क

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            


जिस को चाहा बस उसी ने ग़म दिया
मुझ को मेरी हर ख़ुशी ने ग़म दिया

मैं तुम्हें ही याद कर के रो पड़ा
जब सफ़र में अजनबी ने ग़म दिया

क्या बचा है अब यक़ीं किस पर करूँ
ज़िंदगी को ज़िंदगी ने ग़म दिया

उम्र साँसें और जीने की तलब
एक इक कर के सभी ने ग़म दिया
 
हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 
18 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all