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आज का शब्द: उत्क्रांति और केदारनाथ अग्रवाल की कविता 'हम और सड़कें'

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                            हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है - उत्क्रांति जिसका अर्थ है - 1. धीरे-धीरे पूर्णता की ओर बढ़ने की प्रवृत्ति 2. अतिक्रमण 3. मृत्यु। कवि केदारनाथ अग्रवाल ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 
        
                                                    
                            

सूर्यास्त में समा गयीं
सूर्योदय की सड़कें,
जिन पर चलें हम
तमाम दिन सिर और सीना ताने,
महाकाश को भी वशवर्ती बनाने,
भूमि का दायित्व
उत्क्रांति से निभाने,
और हम
अब रात में समा गये,
स्वप्न की देख-रेख में
सुबह की खोयी सड़कों का
जी-जान से पता लगाने 
 
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5 महीने पहले
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