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मर्द की ख़ामोशी

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मर्द
        
                                                    
                            

मर्द रोता नहीं, ये किसने कहा है…
बस वो आँसू छुपाना सीख गया है…

घर की जिम्मेदारियों में ऐसा उलझा,
खुद को ही भूल जाना सीख गया है…

मजबूत दिखने के पीछे कहीं,
टूट जाना भी रोज़ का हिस्सा है…

सबके लिए खड़ा रहता है जो,
उसे संभालने वाला कोई किस्सा है…?

सब को संभालता है खुद कहीं ना कही
अकेला है

कुछ कैह नहीं पता है ?
 
3 सप्ताह पहले
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