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सिकुड़े

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्या सोचूं
        
                                                    
                            
इस वक़्त?

हर राह से
जाऊं पलट

हार...
कबूलनी होगी

शुरुआत
करनी होगी!

आंकलन करने के लिए...
बहुत लोग हैं...

संयम रखने से...
सभी रोग दूर हैं 🙂

क़िस्मत,
मेरी मेहनत देख तू!

जब तू होने चले...
किसके साथ होऊं?

सेहत, और,
अच्छी बनी रहे...

देह की... अच्छी हालत,
मन की रहे
-राहुल



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2 महीने पहले
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Prasoon Saxena

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