वो तुम्हे हिन्दू, मुस्लिम और सिक्ख में उलझाएंगे,
ताकि कोई उनसे भ्रष्टाचार का हिसाब न मांग सके।
वो तुम्हें मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे में भी उलझाएंगे,
ताकि कोई देश की तरक्की का हिसाब न मांग सके।
वो देश को चौथी अर्थव्यवस्था कहकर तुम्हें हर्षाएंगे,
ताकि कोई उनसे बेरोजगारी,
ग़रीबी और भुखमरी का हिसाब न मांग सके।
वो शिक्षा पर कर लगाकर उसे महंगा बनाएंगे
ताकि पिछड़ा वर्ग शिक्षित होकर
उनके कुकर्मों पर आवाज़ न उठा सके।