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'आतंकियों को मदद देने वालों की खैर नहीं': एससीओ बैठक से भारत का पाकिस्तान को दो टूक, और क्या बोले राजनाथ सिंह?

Tue, 20 Oct 2026 12:26 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, दुशान्बे
एएनआई, दुशान्बे Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 20 Oct 2026 12:26 PM IST
सार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एससीओ की बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार की मौजूदगी में आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता। आतंकियों को आर्थिक मदद देने और पनाह देने वालों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई जरूरी है। आइए जानते हैं उन्होंने और क्या कहा? 

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India blunt message Pakistan at SCO meeting, who aid terrorists will not spared. what else Rajnath Singh say
राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एससीओ(शंघाई सहयोग संगठन) की 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट' की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। एससीओ के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में आतंकवाद शांति और विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है। गौरतलब है कि आतंकवाद के खिलाफ राजनाथ सिंह की इस टिप्पणी के दौरान पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार भी वहां मौजूद थे।
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आतंकवाद पर क्या बोले राजनाथ सिंह? 
राजनाथ सिंह ने कहा, 'आतंकवाद न केवल निर्दोष लोगों की जान लेता है, बल्कि निवेश और व्यापार को भी बाधित करता है। यह समाज में कट्टरता फैलाता है और हमारे युवाओं को उन अवसरों से वंचित करता है, जिनके वे हकदार हैं।'
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'आतंकवाद को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता'
रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद से निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। जो लोग आतंकवादियों को आर्थिक मदद देते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उन्हें सुरक्षित पनाह देते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद के पूरे तंत्र को मजबूती से और सामूहिक रूप से खत्म किया जाना चाहिए।'
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इससे पहले 15 अक्तूबर को, सीमा पार आतंकवाद पर भारत के रुख को दोहराते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से आगे कोई भी आतंकी हरकत होने पर और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि हालांकि भारत की सांस्कृतिक परंपरा बातचीत, सह-अस्तित्व और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करती है, लेकिन शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री और ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति से मिले 
 इसके साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को दुशान्बे में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासनाध्यक्षों की बैठक के दौरान ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजोदा और ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ से मुलाकात की।


राजनाथ सिंह ने क्या कहा? 
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, रक्षा मंत्री ने कहा, 'दुशान्बे में एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक की शुरुआत में ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री महामहिम कोहिर रसूलजोदा से मिलकर खुशी हुई। मैंने भारत और ताजिकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर जोर दिया।'

एक्स पर एक अन्य पोस्ट में, राजनाथ सिंह ने ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ के साथ अपनी मुलाकात के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'दुशानबे में एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक के दौरान ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति महामहिम श्री मोहम्मद रजा आरिफ से मिलकर खुशी हुई।'


 
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