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Rampur News: दानदाताओं पर भी ईडी का शिकंजा, 11 फर्मों के रिकाॅर्ड साथ ले गई टीम
Fri, 21 Aug 2026 12:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:51 AM IST
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रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी में करीब 16 घंटे तक चली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बाद बुधवार की रात टीम वापस लौट गई। इस दौरान ईडी ने यूनिवर्सिटी के निर्माण, जमीन खरीद, इंफ्रास्ट्रक्चर और जौहर ट्रस्ट को मिले चंदे से जुड़े दस्तावेज खंगाले। इसके अलावा 11 फर्मों के दस्तावेज भी ईडी अपने साथ ले गई। अब ईडी की नजर दानदाताओं पर टिकी है। कुल मिलाकर इस मामले में सपा नेता आजम खां के साथ ही दानदाताओं की भी मुश्किलें बढ़नी तय हैं।
ईडी ने बुधवार को जौहर विश्वविद्यालय और जौहर ट्रस्ट के कार्यालय समेत छह स्थानों पर कार्रवाई की थी। इसके अलावा सहारनपुर, दिल्ली में भी आजम खां के करीबी के यहां छापे मारे गए। जांच में विश्वविद्यालय निर्माण पर अनुमानित 494 करोड़ रुपये खर्च होने से संबंधित हिसाब-किताब ईडी के केंद्र में रहा। ट्रस्ट की ओर से निर्माण में खर्च हुई धनराशि, विश्वविद्यालय के लिए खरीदी गई जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए खर्च से जुड़े सभी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके अलावा सरकारी बजट से मिले करीब 88 करोड़ रुपये और दान के रूप में प्राप्त धनराशि के इस्तेमाल से संबंधित रिकॉर्ड को लेकर भी ईडी ने जानकारी जुटाई।
सूत्रों के अनुसार ईडी ने जौहर ट्रस्ट को चंदे के रूप में लाखों-करोड़ों रुपये देने वाली 11 फर्मों से संबंधित दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। अब इन अभिलेखों की जांच के बाद संबंधित फर्मों और दानदाताओं से आय तथा धन के स्रोत का ब्योरा मांगा जा सकता है।
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ईडी ने बुधवार को जौहर विश्वविद्यालय और जौहर ट्रस्ट के कार्यालय समेत छह स्थानों पर कार्रवाई की थी। इसके अलावा सहारनपुर, दिल्ली में भी आजम खां के करीबी के यहां छापे मारे गए। जांच में विश्वविद्यालय निर्माण पर अनुमानित 494 करोड़ रुपये खर्च होने से संबंधित हिसाब-किताब ईडी के केंद्र में रहा। ट्रस्ट की ओर से निर्माण में खर्च हुई धनराशि, विश्वविद्यालय के लिए खरीदी गई जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए खर्च से जुड़े सभी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके अलावा सरकारी बजट से मिले करीब 88 करोड़ रुपये और दान के रूप में प्राप्त धनराशि के इस्तेमाल से संबंधित रिकॉर्ड को लेकर भी ईडी ने जानकारी जुटाई।
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सूत्रों के अनुसार ईडी ने जौहर ट्रस्ट को चंदे के रूप में लाखों-करोड़ों रुपये देने वाली 11 फर्मों से संबंधित दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। अब इन अभिलेखों की जांच के बाद संबंधित फर्मों और दानदाताओं से आय तथा धन के स्रोत का ब्योरा मांगा जा सकता है।
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