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Baghpat News: पानी में डूबी फसलें, कर्ज और चिंता में डूबा किसान

Tue, 13 Oct 2026 01:29 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 01:29 AM IST
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rain news
बागपत। यहां रविवार रात में हुई 30 एमएम बारिश से खेतों में कटी पड़ी किसानों की धान की फसल डूब गई। जिस तरह से खेतों में पानी है, इससे कटा पड़ा धान का दाना काला पड़ने व गलने पर 30 फीसदी तक खराब हो सकता है। इसके साथ ही खेतों में खड़ी खड़ी धान व सब्जियों की 20 फीसदी फसल बारिश से बर्बाद हो गई है। इससे उन किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने खेत बंटाई पर लिए हैं और कर्ज लेकर फसल बोई थी।
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यहां रविवार की रात करीब एक बजे तेज बारिश शुरू हो गई, जो सोमवार की सुबह पांच बजे तक जारी रही। बारिश होने से सबसे ज्यादा धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। इस समय धान पककर तैयार है और काफी जगह कटाई चल रही है। जिले में 20 फीसदी धान की फसल हवा चलने व बारिश के कारण गिरने व दाना टूटने से बर्बाद हो गई। कृषि वैज्ञानिक डा़ॅ विकास मलिक ने बताया कि लंबे समय तक पानी में रहने से फसल सड़ने और दाना खराब होने का डर है। ऐसे में जहां धान कट चुका है और वहां खेतों में पानी भर गया है तो सबसे ज्यादा उसके खराब होने का डर है।
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वहीं खेतों में पानी भरने से लौकी, खीरा, गोभी, मूली और टमाटर आदि की फसल नष्ट होने का खतरा बना हुआ है क्योंकि पानी भरने से रोग लगना शुरू हो जाता है। लहचौड़ा निवासी किसान रवींद्र यादव की 12 बीघा में धान, शोभाराम की 25 बीघा में धान, रहीस, सुनील त्यागी, अशोक शर्मा, महिपाल और सुलतान की भी धान की फसल बारिश व हवा चलने के कारण खेत में गिर गई है। किसानों ने बताया कि इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
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जलभराव व बत्ती गुल होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ी
बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया और कई स्थानों पर जलभराव होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खेकड़ा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बावली और सूजरा आदि स्थानों पर अंडरपास में पानी भरने के कारण कई वाहन फंसे, जिनको ट्रैक्टर से खींचकर निकाला गया। वहीं तेज हवा चलने व बारिश के कारण 60 गांवों में लाइन में फाॅल्ट आने से बिजली गायब रही। इससे गांवों में अंधेरा छाया रहा। बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बावली, बिनौली, हिसावदा, सिंघावली अहीर, डौला और अहैड़ा आदि गांवों में बिजली नहीं आने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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- तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश होने से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे धान का दाना काला पड़ जाएगा और उत्पादन में कमी आएगी।
-ओमदत्त यादव, गौना
- 40 बीघा खेत में धान की फसल की बुआई करने में दो लाख रुपये का खर्च आया था। कर्ज पर रुपये लिए थे, जिससे फसल बेचकर लौटाए जा सके। तेज हवा चलने के कारण धान की फसल खेत में गिर गई है। इससे पैदावार प्रभावित होगी और बाजार में दाम भी सही नहीं मिलेंगे।

-सुल्तान चौधरी, रटौल
- सात बीघा खेत में मिर्च व खीरा आदि सब्जी की फसल के पानी भरने के कारण खराब होने का खतरा बन गया है। इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
-धीर सिंह, यादव
- 25 बीघा खेत में धान की फसल की कर्ज लेकर बुआई की है। फसल तैयार खड़ी है, लेकिन बारिश व तेज हवाओं के चलते फसल में पानी भरने से खेतों में बिछ गई है।
-शोभाराम, लहचौड़ा

वर्जन

- तहसील की राजस्व टीम के साथ खेतों का सर्वे कराया जाएगा और देखा जाएगा कि किस-किस किसान की फसल नष्ट हुई है। आकलन करने के बाद शासन को मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
-बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी
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