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Azamgarh News: डिजिटल अरेस्ट कर 26.70 लाख की साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार
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साइबर थाने द्वारा गिरफ्तार किया गया साइबर अपराधी। श्रोत-साइबर थाना
- फोटो : 1
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साइबर क्राइम थाना पुलिस ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर डिजिटल अरेस्ट कर एक व्यक्ति से 26.70 लाख रुपये की ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी जहांगीर लखनऊ के आलम मछली माहौल, लालकुर्ती अमीनाबाद का रहने वाला है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें विभिन्न मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आए, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीआईओ अधिकारी बताया।
उसने पीड़ित के खाते से गलत लेन-देन होने और उनके विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने की बात कहकर भयभीत किया और डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद, गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर 26,70,000 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
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विवेचना के दौरान, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जहांगीर आलम का नाम सामने आया। पुलिस टीम ने लखनऊ पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया और साइबर क्राइम थाने ले आई। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से घटना में उसकी संलिप्तता प्रमाणित होने पर बृहस्पतिवार को उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया।
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अपराध का तरीका
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अभियुक्त अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को विभिन्न मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल करता था। खुद को पुलिस या अन्य अधिकारी बताकर, वे पीड़ित के खाते से गलत लेन-देन होने और मुकदमा दर्ज होने का भय दिखाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लेते थे। इसके बाद, गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पीड़ितों से धनराशि अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। एसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 2,070 रुपये नगद और विभिन्न मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामदगी के आधार पर प्राथमिकी में धारा की बढ़ोतरी की गई है। जहांगीर आलम के विरुद्ध आईटी एक्ट के साथ ही बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है।
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एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें विभिन्न मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आए, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीआईओ अधिकारी बताया।
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उसने पीड़ित के खाते से गलत लेन-देन होने और उनके विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने की बात कहकर भयभीत किया और डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद, गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर 26,70,000 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
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विवेचना के दौरान, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जहांगीर आलम का नाम सामने आया। पुलिस टीम ने लखनऊ पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया और साइबर क्राइम थाने ले आई। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से घटना में उसकी संलिप्तता प्रमाणित होने पर बृहस्पतिवार को उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया।
अपराध का तरीका
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अभियुक्त अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को विभिन्न मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल करता था। खुद को पुलिस या अन्य अधिकारी बताकर, वे पीड़ित के खाते से गलत लेन-देन होने और मुकदमा दर्ज होने का भय दिखाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लेते थे। इसके बाद, गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पीड़ितों से धनराशि अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। एसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 2,070 रुपये नगद और विभिन्न मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामदगी के आधार पर प्राथमिकी में धारा की बढ़ोतरी की गई है। जहांगीर आलम के विरुद्ध आईटी एक्ट के साथ ही बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है।