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Agra: एसएन मेडिकल कॉलेज में दवाओं का टोटा, पर्चे की आधी दवाएं भी नहीं मिल रहीं; बाजार से खरीद रहे तीमारदार
Fri, 21 Aug 2026 09:51 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 21 Aug 2026 09:51 AM IST
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में मिर्गी, पेट रोग, डायरिया समेत कई बीमारियों की दवाओं की कमी है और पर्चे पर लिखी आधी से भी कम दवाएं मिलने का आरोप है। दवाएं नहीं मिलने पर तीमारदारों को बाजार से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे इलाज का खर्च बढ़ रहा है।
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एसएन ओपीडी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में बच्चों के दवाओं की भारी कमी है। ओपीडी में पर्चे पर लिखी दवाओं में से आधे से भी कम मिल रही हैं। तीमारदारों का आरोप है कि काउंटर से सस्ती दवाएं ही मिल रहीं, महंगी खरीदनी पड़ रही हैं। इससे पैसा अधिक खर्च हो रहा है, परेशानी भी हो रही है।
बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक बच्चे आ रहे हैं। इसमें वायरल फीवर, मिर्गी, पेट रोग, डायरिया, फूड पॉइजनिंग की परेशानी के अधिक हैं। यहां कैल्शियम, मल्टीविटामिन, मिर्गी, पेट रोग समेत अन्य मर्ज की दवाओं की कमी है। सिरप का भी टोटा है। पर्चे पर लिखी दवाएं पूरी नहीं मिलने पर तीमारदार इनको खरीद रहे हैं। लंबे समय से दवाओं की कमी चल रही है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश चिकित्सा आपूर्ति निगम (यूपीएमएससीएल) को मांग भेजी जा चुकी है। आवक में देरी हो रही है। इसी सप्ताह से जरूरी दवाएं प्राप्त होने लगेंगी।
ये बोले तीमारदार:
चार में से एक ही दवा मिली
सिकंदरा के राकेश कुमार ने बताया कि वह बेटी को दिखाने एसएन में आए। डॉक्टर साहब ने चार दवाएं लिखी, एक ही मिली है, बाकी की तीन खरीदनी पड़ेंगी।
दौरे का सिरप नहीं, 400 का खरीदा
मोती महल की पूजा ने बताया कि उसके बच्चे को मिर्गी का दौरा आता है। यहां आधी दवाएं ही मिल रही हैं। एक सिरप 400 का आता है, वह हर बार खरीदना पड़ता है।
600 रुपये की खरीदी दवा
जलेसर के शैलेंद्र ने बताया कि भतीजी को दिखाने आया हूं। आंत की बीमारी है। पूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। पिछली बार 600 रुपये की दवाएं खरीदनी पड़ी।
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बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक बच्चे आ रहे हैं। इसमें वायरल फीवर, मिर्गी, पेट रोग, डायरिया, फूड पॉइजनिंग की परेशानी के अधिक हैं। यहां कैल्शियम, मल्टीविटामिन, मिर्गी, पेट रोग समेत अन्य मर्ज की दवाओं की कमी है। सिरप का भी टोटा है। पर्चे पर लिखी दवाएं पूरी नहीं मिलने पर तीमारदार इनको खरीद रहे हैं। लंबे समय से दवाओं की कमी चल रही है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश चिकित्सा आपूर्ति निगम (यूपीएमएससीएल) को मांग भेजी जा चुकी है। आवक में देरी हो रही है। इसी सप्ताह से जरूरी दवाएं प्राप्त होने लगेंगी।
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ये बोले तीमारदार:
चार में से एक ही दवा मिली
सिकंदरा के राकेश कुमार ने बताया कि वह बेटी को दिखाने एसएन में आए। डॉक्टर साहब ने चार दवाएं लिखी, एक ही मिली है, बाकी की तीन खरीदनी पड़ेंगी।
दौरे का सिरप नहीं, 400 का खरीदा
मोती महल की पूजा ने बताया कि उसके बच्चे को मिर्गी का दौरा आता है। यहां आधी दवाएं ही मिल रही हैं। एक सिरप 400 का आता है, वह हर बार खरीदना पड़ता है।
600 रुपये की खरीदी दवा
जलेसर के शैलेंद्र ने बताया कि भतीजी को दिखाने आया हूं। आंत की बीमारी है। पूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। पिछली बार 600 रुपये की दवाएं खरीदनी पड़ी।