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अभी कितने और बढ़ेंगे चीनी के दाम: एक महीने में 20 रुपये हो चुकी है बढ़ोतरी, कब तक चलेगा यह सिलसिला?

Fri, 21 Aug 2026 09:16 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 21 Aug 2026 09:16 AM IST
सार
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रक्षाबंधन से पहले चीनी की कीमतों में तेजी से उछाल आया है और एक महीने में फुटकर भाव करीब 20 रुपये बढ़कर 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है। सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की स्टॉक सीमा लागू करने का फैसला किया है, जबकि कारोबारियों के मुताबिक महंगी चीनी से पेठा और मिठाइयों के दाम 20 से 30 रुपये किलो तक बढ़ सकते हैं।

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Sugar Prices Surge by 20 in a Month Ahead of Raksha Bandhan
अभी कितने और बढ़ेंगे चीनी के दाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

 रक्षाबंधन से ठीक पहले चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल आया है। मिलों की जमाखोरी के कारण पिछले एक महीने में ही चीनी के भाव 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। फुटकर में चीनी 65 रुपये किलो बिक रही है।
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अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया है कि चीनी की कीमतों में यह वृद्धि जमाखोरी का नतीजा है। सरकार ने इस कृत्रिम संकट पर चाबुक चलाते हुए बड़े उपभोक्ताओं के लिए सख्त स्टॉक सीमा तय कर दी है। महज एक महीने में चीनी का थोक भाव 2000 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हो गई है। बृहस्पतिवार को थोक बाजार में चीनी 6,200, खांडसारी 6,000, बूरा 6,600 और तगार 6,700 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। इस वृद्धि का सीधा असर रक्षाबंधन के उल्लास पर पड़ेगा। देसी घी की मिठाइयां और पेठा 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक महंगे हो सकते हैं।
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सामने आया जमाखोरी का खेल
भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय द्वारा 13 अगस्त 2026 को जारी पत्र के अनुसार, जांच में यह सामने आया है कि मिलों ने बड़े उपभोक्ताओं को चीनी बेची तो है, लेकिन माल की डिलीवरी देने के बजाय उसे अपने गोदामों में ही दबा रखा है। देश में कुल चीनी खपत का 65% हिस्सा इन्हीं बड़े उपभोक्ताओं का है। इस तरह बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करके दाम बढ़ाए गए हैं।
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15 दिन से अधिक के स्टॉक पर लगी रोक
इस खुलासे के बाद बुधवार को जारी गजट अधिसूचना के जरिये सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि 1 सितंबर 2026 से 10 मीट्रिक टन से अधिक मासिक खपत वाले बड़े उपभोक्ता (जैसे- मिठाई विक्रेता और शीतल पेय निर्माता) अब किसी भी हाल में 15 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेंगे।

कारोबारियों का दर्द
स्वीट्स एंड नमकीन एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने बताया कि महज एक महीने में चीनी 20 रुपये महंगी होने से हमारी उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। न चाहते हुए भी हमें मिठाइयों के दाम बढ़ाने पड़ेंगे, जिसका सीधा असर हमारी त्योहारी बिक्री पर पड़ेगा। 

भगत सिंह पेठा कुटीर उद्योग के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल का कहना है कि त्योहार सिर पर है और ऐसे में पेठे पर 30 रुपये प्रति किलो का घाटा हो रहा है। हमारा पूरा काम चीनी से होता है। कीमतों में रिकॉर्ड उछाल आया है, इसलिए मजबूरी में पेठे के रेट बढ़ाने पड़ेंगे। 
 

आगरा शुगर एंड खांडसारी डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज अग्रवाल ने बताया कि मिलों ने कागजी बिक्री दिखाकर बाजार से चीनी गायब कर दी थी। सरकार द्वारा जीएसटी रिटर्न से डेटा का मिलान करने और नई स्टॉक लिमिट लागू करने से जल्द ही जमाखोरों पर लगाम लगेगी और चीनी के दाम गिरेंगे। 
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