भारतीय जीपीएस NavIC से लैस होंगे स्मार्टफोन, सरकार ने सभी कंपनियों को दिए निर्देश
सरकार विदेशी चीजों से अपनी निर्भरता कम करने पर लगातार काम कर रही है और इसी कड़ी में यह फैसला लिया गया है। फिलहाल देश में स्मार्टफोन में नेविगेशन के लिए ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (GPS) का इस्तेमाल हो रहा है।

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भारत सरकार ने सैमसंग, एपल, शाओमी और वीवो जैसी स्मार्टफोन कंपनियों की मुश्किलें बढ़ा दी है। दरअसल, सरकार ने इन कंपनियों को अपने नए स्मार्टफोन को भारतीय नेविगेशन सिस्टम नाविक के सपोर्ट के साथ लॉन्च करने के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद इन कंपनियों को अपने स्मार्टफोन के हार्डवेयर में बदलाव में आने वाली लागत का डर सताने लगा है।
दरअसल, सरकार विदेशी चीजों से अपनी निर्भरता कम करने पर लगातार काम कर रही है और इसी कड़ी में यह फैसला लिया गया है। फिलहाल देश में स्मार्टफोन में नेविगेशन के लिए ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (GPS) का इस्तेमाल हो रहा है। सरकार का कहना है कि नाविक से नेविगेशन को और बेहतर बनाया जा सकता है, क्योंकि यह ज्यादा सटीक है और इससे देश की इकोनॉमी को भी फायदा होगा।
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नाविक भारत का अपना सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है। इस खास सिस्टम को इसरो ने तैयार किया है। आसान शब्दों में कहें तो जिस तरह अमेरिका के पास जीपीएस है, रूस के पास ग्लोनॉस है, यूरोप के पास गैलीलियो है, चीन के पास बायडू (BeiDou) नेविगेशन सिस्टम है, उसी तरह भारत के पास खुद का नाविक (NavIC) नेविगेशन सिस्टम है। NavIC नेविगेशन सिस्टम जीपीएस की तुलना में ज्यादा सटीक जानकारी देता है। इस सिस्टम से पांच मीटर तक की सटीक पोजीशन की जानकारी हासिल की जा सकती है।
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बता दें कि रियलमी ने पहली बार भारत में नाविक (NAVIC) नेविगेशन सपोर्ट वाला स्मार्टफोन Realme X50 Pro 5G को साल 2020 में लॉन्च किया था। इस फोन की लॉन्चिंग के समय रियलमी ने यह भी कहा था कि भविष्य में लॉन्च होने वाले सभी स्मार्टफोन में भारतीय नेविगेशन सिस्टम नाविक का सपोर्ट मिलेगा।
सरकारी वाहनों की ट्रैकिंग प्राकृतिक आपदाओं में नाविक पहुंचा रही मदद
स्वदेशी नाविक से रक्षा क्षेत्र और अर्थव्यवस्था को फायदे की उम्मीद है। सरकारी वाहनों की ट्रैकिंग व मछुआरों को आपात समय में चेतावनी भेजने और प्राकृतिक आपदाओं में मदद पहुंचाने में यह काम आ रही है। नाविक के आने से विदेशी निर्भरता, खासतौर पर रणनीतिक और संवेदनशील मामलों में निर्भरता घटेगी।
विदेशी रक्षा एजेंसियां जीपीएस या दूसरी नेविगेशन प्रणाली बंद करती हैं, तब भी भारत नाविक का उपयोग कर सकेगा। कई भारतीय स्टार्ट-अप व कंपनियां इसका उपयोग कर अपने कारोबार को न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर फैला सकेंगी। इसे हर स्मार्टफोन तक पहुंचाना भारत के लिए बड़ी तकनीकी उपलब्धि बनेगा।