शिमला: विधानसभा परिसर से सीएम सुक्खू ने कुलपति को किया फोन, बोले- फीस को कमेटी बनाकर रिव्यू करो
मुख्यमंत्री ने कहा कि कमेटी बनाकर फीस का जितना-जितना रिव्यू हो सकता है, उसे किया जाए और फीस इस तरह तय की जाए कि विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कुलपति से कहा कि इस मामले में जो भी इश्यू है, उसे उनसे डिस्कस कर लिया जाए।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा परिसर से ही कुलपति प्रो. महावीर सिंह को फोन कर फीस की समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमेटी बनाकर फीस का जितना रिव्यू हो सकता है, उसे किया जाए और फीस इस तरह तय की जाए कि विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कुलपति से कहा कि इस मामले में जो भी इश्यू है, उसे उनसे डिस्कस कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कुलपति से फोन पर कहा, विधानसभा परिसर में एनएसयूआई के कुछ छात्र उनसे मिले हैं। छात्रों ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी का मामला उनके सामने उठाया और विद्यार्थियों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को लेकर अपनी चिंता जताई।
सुक्खू ने कहा कि फीस की समीक्षा के लिए कमेटी बनाई जाए और अलग-अलग मदों में कितना रिव्यू किया जा सकता है, उस पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, विद्यार्थियों को राहत दी जानी चाहिए। फीस निर्धारित करते समय यह ध्यान रखा जाए कि पढ़ाई कर रहे छात्रों और उनके परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए फीस के मामले में व्यावहारिक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कुलपति से कहा कि कमेटी की समीक्षा के बाद जो भी मामला सामने आए, उस पर उनसे भी चर्चा की जाए। मुख्यमंत्री के विधानसभा परिसर से कुलपति को दिए इन निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के मामले में समीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।