राजनीति: जयराम ठाकुर बोले- देश संविधान से चलेगा, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान से नहीं
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू यह बात साफ-साफ समझ लें कि यह देश संसद से पारित कानून और संविधान से चलेगा, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान से नहीं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू यह बात समझ लें कि यह देश संसद से पारित कानून और संविधान से चलेगा, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान से नहीं। मुख्यमंत्री वंदे मातरम का लगातार अपमान करने वाले गांधी परिवार और कांग्रेस का पिछलग्गू बनने के बजाय संविधान और देशवासियों की राष्ट्रीय चेतना के गीत वंदे मातरम का सम्मान करें। वंदे मातरम के दो छंद गाए जाने का बयान अत्यंत निंदनीय और देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान है।
#WATCH | Mohali, Punjab | Himachal Pradesh LoP Jairam Thakur says, "Today was the first day of the Himachal Pradesh monsoon session. Before the session began, the Chief Minister arrived at the Assembly and told the media that a CWC meeting had taken place, where it was decided… pic.twitter.com/ozPxxiCcbm
— ANI (@ANI) August 21, 2026विज्ञापन
ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम के सभी छंदों को गाए जाने को लेकर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद कानून बन गया है। इसके गायन में व्यवधान करने वाले के लिए सजा का प्रावधान है। तुष्टिकरण के लिए देश की पहचान और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों के अपमान के दिन अब लद गए हैं। 1937 में कांग्रेस ने संपूर्ण वंदे मातरम का गायन बंद कर दिया था, ताकि मुस्लिम लीग नाराज न हो। इसका परिणाम यह हुआ कि देश के साथ-साथ वंदे मातरम के भी दो टुकड़े हो गए।
अब जब 75 साल बाद वंदे मातरम फिर से पूरा गाया जा रहा है और लाल किले की प्राचीर से यह गीत गूंज रहा है, तो यह कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। कांग्रेस को राष्ट्र गौरव के प्रतीकों का सम्मान करना होगा। हिमाचल के मुख्यमंत्री वीर भूमि की भावना समझें और वंदे मातरम के दो छंदों के गायन को लेकर दिए गए बयान पर माफी मांगें। नेता विपक्ष ने कहा कि आज हिमाचल के सदन की एक गरिमा रही है, इसलिए सरकार और अध्यक्ष महोदय को उस गरिमा का सम्मान करना होगा। यदि विधानसभा में संसद की ओर से पारित कानून के अनुसार वंदे मातरम का गायन नहीं किया जाएगा, तो भाजपा इसका डटकर विरोध करेगी। सदन नियमों के हिसाब से चलेगा, कांग्रेस वर्किंग कमेटी और गांधी परिवार के आदेश के हिसाब से नहीं।