पीएम ने सीएम पर कुछ इस अंदाज में निशाना साधा कि शायद ही किसी मुख्यमंत्री को वकीलों के बीच इतना समय बीतना पड़ रहा हो। अपनी लाइन को पूरा किए बिना मोदी ने जनता से पूछा कि आप समझ गए होंगे कि मैं किसकी बात कर रहा हूं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती विधानसभा के नतीजों पर अभी से 60 और 8 का रुझान बताते दिखे, लेकिन प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को संदेश दिया कि उनके लिए चुनाव आसान नहीं रहेंगे।
सांसद शांता कुमार को रैली में बोलने का मौका तक नहीं मिला। यह रैली में चर्चा का विषय बन गया। प्रधानमंत्री का काफिला माल रोड पार कर चुका था और चंद मिनट में वह रैली स्थल पर पहुंचने वाले थे, ऐसे में शांता कुमार ने संबोधन करने से इंकार कर दिया। शांता ने कहा कि जब मुख्य वक्ता आने वाले हों तो बोलने वाले की बात बनती नहीं, न ही उस वातावरण में कुछ जमता है। आगे कहा कि युवा नेता बोले ही हैं, हम तो 50 साल से बोलते रहे हैं।
रोड शो के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला इंडियन काफी हाउस के सामने से गुजरा तो उनकी कई पुरानी यादें ताजा हो गईं। मोदी बोले - यहां पर जो पत्रकार बंधु थे, उनको मेरा ये कर्म पता था। मेरे पहुंचने से पहले वे कॉफी हाउस में अपना अड्डा जमा देते थे। आमतौर पर जो सौभाग्य मुझे मिला, शायद किसी को नहीं मिलता होगा। इंडियन काफी हाउस में जब काफी पीता था तो मुझे कभी भी जेब से पैसे नहीं देने पड़े और देशवासी सुनते होंगे तो उनको हैरानी होगी कि हमेशा पेमेंट मेरे सारे पत्रकार मित्र देते थे।
पीएम मोदी की शिमला रैली मंच पर दो चेहरे फ्रंट पर दिखे। पीएम ने अभिवादन से लेकर अपने संबोधन में इन नेताओं को बराबर की अहमियत दी। धूमल की ओर से वर्ष 2012 में लागू की गई इलेक्ट्रिक चूल्हे योजना का आइडिया लेकर उन्होंने उज्जवल योजना की बात कहीं तो जेपी नड्डा की ओर स्वास्थ्य जगत में शुरू की गई योजना का अपने संबोधन में जिक्र किया।
मोदी ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से कहा कि मैंने हिमाचल का नमक खाया है। अब मेरा पूरा फायदा उठाना आपके हाथ में है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है जिसका लाभ आने वाले दिनों में हिमाचल के बागवानों को मिलने वाला है। कोल्ड ड्रिंक्स में अब कच्चे-पक्के फलों का रस अनिवार्य कर दिया है। अगर ये कंपनियां पांच प्रतिशत फ्रूट जूस भी कोल्ड ड्रिंक्स में डालती हैं तो बागवानों को फल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।