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Snoring: खर्राटे हो सकते हैं शरीर में बढ़ रही बीमारियों का अलार्म, इन संकेतों पर तुरंत हो जाएं सावधान

Thu, 20 Aug 2026 07:46 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 20 Aug 2026 07:46 PM IST
सार
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हर खर्राटा बीमारी नहीं होता। सोते समय गले और मुंह के आसपास के ऊतक ढीले पड़ते हैं और हवा के गुजरने पर उनमें कंपन होने से आवाज पैदा हो सकती है।

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खर्राटे आने की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI

क्या आप भी सोते समय बहुत ज्यादा खर्राटे लेते हैं? अक्सर लोग आपसे इसकी शिकायत करते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खर्राटे आना वैसे तो बहुत आम है, पर ये आते क्यों हैं और क्या यही खर्राटे शरीर की किसी परेशानी का संकेत भी हो सकते हैं?



असल में सोते समय गले और मुंह के आसपास के ऊतक ढीले पड़ते हैं और हवा के गुजरने पर उनमें कंपन होने से आवाज पैदा हो सकती है। आमतौर पर जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है, धूम्रपान या शराब का सेवन करते हैं उनमें ये दिक्कत ज्यादा देखी जाती है। लेकिन हर बार खर्राटे का कारण सामान्य हो ये जरूरी नहीं है।

अगर खर्राटों के बीच सांस रुकती और फिर अचानक चलने लगती है, आप हांफते हुए उठते हैं, रात में बार-बार नींद टूटती है या सुबह उठने के बाद भी शरीर ऐसा लगता है जैसे रातभर आराम ही नहीं मिला तो ऐसी स्थितियों में आपको अलर्ट हो जाना चाहिए। 

ये सिर्फ खर्राटे की नहीं, कई बार कई अन्य गंभीर समस्याओं की ओर संकेत भी हो सकता है।

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स्लीप एप्निया खर्राटे लेना - फोटो : Adobe Stock

पहले जानिए आखिर खर्राटे आते क्यों हैं?

डॉक्टर कहते हैं, जब हम सोते हैं तो गले, जीभ और मुंह के आसपास के कुछ हिस्से ढीले पड़ जाते हैं। इससे सांस की राह थोड़ी संकरी हो सकती है। जब हवा इस संकरी जगह से गुजरती है तो आसपास के ऊतक कंपन करते हैं और खर्राटे की आवाज पैदा होती है। हर व्यक्ति में खर्राटे का कारण एक जैसा नहीं होता। 
स्लीप एपनिया जैसी समस्या को गंभीर स्थिति माना जाता है। 

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नींद में होने वाली समस्याओं को जानिए - फोटो : Freepik.com

सोते समय सांस रुकना सबसे बड़ा संकेत
 

  • अगर परिवार का कोई सदस्य बताए कि आपकी नींद में कुछ सेकंड के लिए सांस रुकती है और फिर अचानक जोर से सांस शुरू होती है, तो इसे हल्के में न लें। ये स्लीप एपनिया की ओर संकेत हो सकता है। इसमें गले की ऊपरी सांस की नली बार-बार बंद हो जाती है। इससे हवा का प्रवाह कम या पूरी तरह रुक सकता है। अगर ऐसा बार-बार होता है तो रात की नींद की गुणवत्ता खराब होती है और सुबह उठकर भी आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं।


खर्राटों के साथ हाई ब्लड प्रेशर हो तो सावधान
 

  • अगर आपको लंबे समय से तेज खर्राटे आते हैं और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में नहीं रहता है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। कई बार नींद में सांस रुकने की बीमारी हाई ब्लड प्रेशर और दिल तथा रक्त नलियों से जुड़ी कई समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती है। इसलिए सिर्फ खर्राटे रोकने के लिए उपाय करने के बजाय यह पता लगाना जरूरी है कि उसके पीछे कोई स्वास्थ्य समस्या तो नहीं।
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डॉक्टर की सलाह जरूरी - फोटो : freepik.com

 कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

अगर खर्राटे आपकी या आपके साथी की नींद खराब कर रहे हैं और दिन में बहुत नींद आती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। सोते समय सांस रुकने, हांफने, घुटन जैसी आवाज या बार-बार जागने की दिक्कत हो रही हो तो जांच में देरी नहीं करनी चाहिए। 
 

  • खर्राटे की समस्या से बचने के लिए कई बार वेट कंट्रोल करना मददगार हो सकता है। 
  • करवट लेकर सोने की कोशिश करें। धूम्रपान से बचें और शराब का सेवन सीमित करें।
  • नींद में सांस रुकने की समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से शरीर को रात में बार-बार कम ऑक्सीजन और नींद में व्यवधान हो सकती है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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