अगर आप एंड्रायड फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और कई सारी ऐप डाउनलोड कर रखी हैं तो सावधान रहें, नहीं तो लेने के देनों पड़े सकते हैं।
एंड्रायड फोन पर कोई भी नई ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रमाणिकता और सत्यता के बारे में जरूर जान लें। क्योंकि कहीं ऐसा न हो कि आपका फोन ही आपकी जासूसी कर दे और आपके फोन में रखी आपकी निजी जानकारियां, कान्टेक्ट नंबर और अन्य सूचनाएं साइबर हैकर्स तक पहुंचा दें। साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार अधिकतर चाइनीज मोबाइल में पहले से ही ऐसे साफ्टवेयर आ रहे हैं, जिससे आपकी निजी जानकारियां निजी नहीं रह पाती हैं।
स्टैलर डाटा साल्यूशन कंपनी के फाउंडर और साइबर एक्सपर्ट राजेश राणा के अनुसार देश में बिक रहे अधिकतर चाइनीज मोबाइल में पहले से ‘मालवेयर’ लगा हुआ आ रहा है। इससे आपका फोन आपकी जासूसी कर आपकी कई जानकारियां कंपनी तक पहुंचा देती हैं। वहीं इसके अलावा आप फोन में कोई ऐप डाउनलोड करते हैं तो अक्सर वह आपसे अनुमति मांगता है आपके कान्टेक्ट नंबर, फोटो गैलरी व अन्य ऐप के इस्तेमाल की जानकारी मांगता है।
अगर आप इस ऐप को इसकी मंजूरी देते हैं, तो वह आपके फोन की सारी निजी जानकारी ऐप बनाने वाले के पास पहुंचा सकते हैं। आपके कान्टेक्ट नंबर और बैंक अकाउंट, पासवर्ड संबंधी सारी निजी जानकारी डार्क साइट्स पर बेची जा सकती हैं। आपकों पता भी नहीं चलेगा और आपके फोन का सारा डाटा साइबर वर्ल्ड तक पहुंच जाएगा।
चंडीगढ़ निवासी एक युवती अंजली (परिवर्तित नाम) की शादी शहर निवासी और वर्तमान में गुरुग्राम में आईटी कंपनी में नौकरी करने वाले सुमित (बदला हुआ नाम) से तय हुई। दोनों केपरिवार इस रिश्ते को लेकर काफी खुश थे। दोनों की सगाई हुई तो सुमित ने अंजली को एक फोन गिफ्ट किया। इसके बाद से अंजली वहीं फोन इस्तेमाल करने लगी।