तुम रहने दो मुझे मेरी हालत पे छोड़ दो
और ना सताओ मुझे तड़पता छोड़ दो
अपनी यादों को जरा काबू में रखना
मेरे संग जो था वह नाता तोड़ दो
जाओ तुम जहां खुशियों की फुहार हो
मेरे बरसते नैनों को बरसता छोड़ दो
इस फरेबी दुनिया में अब भीड़ बहुत है
हटाना भाई सहाब जरा सा रास्ता छोड़ दो
-नीटू मावी
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