भारत मां!
धरती मां!
आपकी सुंदरता को
आपकी सरलता को
मन करता है, देखता रहूं
मन करता है,निरेखता रहूं
मन हटता नहीं
मन बंटता नहीं
मन टिकता यहीं
भारत मां!
धरती मां!
ये नदी नाले
मेरे मन पर जादू डाले ।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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