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शिक्षक दिवस: अमित शाह समेत कई नेताओं ने डॉ.राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि, राहुल बोले- छात्रों को मिले समान अवसर

Sat, 05 Sep 2026 01:33 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sat, 05 Sep 2026 01:33 PM IST
सार
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शिक्षक दिवस पर पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने शिक्षकों की भूमिका को अहम बताते हुए सभी गुरुजनों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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Teachers Day leader including Amit Shah tribute Dr Radhakrishnan Rahul students should get equal opportunities
शिक्षक दिवस पर किया याद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद, आदर्श शिक्षक, ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रियों और नेता-प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मैं उन शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं जिन्होंने ज्ञान की खोज में छात्रों की पीढ़ियों का मार्गदर्शन करके भारत की निरंतर प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया है। 

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केंद्रीय गृहमंत्री ने क्या कहा? 
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, 'शिक्षक दिवस पर मैं उन शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं जिन्होंने ज्ञान की खोज में छात्रों की पीढ़ियों का मार्गदर्शन कर भारत की निरंतर प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया है। साथ ही मैं दार्शनिक और राजनेता भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनको उनकी जयंती पर नमन करता हूं। उनकी अमूल्य विरासत ज्ञान-समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हमारे लिए प्रेरणा की एक शाश्वत ज्योति के समान है।
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राहुल गांधी ने क्या कहा? 
वहीं, राहुल गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें सादर नमन। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को हार्दिक शुभकामनाएं। अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से आप छात्रों का भविष्य संवारते हैं और देश की आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते हैं। आपका योगदान अमूल्य है।'
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शिक्षा व्यवस्था पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और पोस्ट में लिखा, 'आज भारत की शिक्षा व्यवस्था हमारे सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हमें मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी है, जहां हर छात्र को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य मिले।"

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि शिक्षक दिवस की पूरे शिक्षक परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों की अग्रणी भूमिका रही है। आज का यह दिन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती के उपलक्ष्य पर मनाया जाता है। मैं उनकी स्मृति को नमन करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

'समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम'
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद्, आदर्श शिक्षक एवं ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें  नमन करता हूं। किसी भी राष्ट्र की समृद्धि और जागरूक समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। 

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद, आदर्श शिक्षक, ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर कोटि-कोटि नमन एवं ‘शिक्षक दिवस’ पर सभी गुरुजनों को प्रणाम और देशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं! गुरु से बड़ा दूसरा कोई भगवान नहीं होता है। 

'शिक्षक ही लोगों की सोच को आकार देते'
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'शिक्षक ही लोगों की सोच को आकार देते हैं, उनमें अच्छे संस्कार डालते हैं। हमारे देश के भविष्य की नींव रखते हैं। शिक्षक दिवस पर हम उन सभी शिक्षकों का सम्मान करते हैं, जिनका ज्ञान, धैर्य और समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता है।'

डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षा में क्या योगदान दिया? 
बता दें कि डॉ. राधाकृष्णन का योगदान शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा रहा है। साल 1948 में उनकी अध्यक्षता में 'विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग' का गठन किया गया था, जिसने स्वतंत्र भारत में उच्च शिक्षा की रूपरेखा तैयार की और 'विश्वविद्यालय अनुदान आयोग' (यूजीसी) की स्थापना की मजबूत सिफारिश की थी।

1952 में वे भारत के पहले उपराष्ट्रपति बने और 1962 में देश के दूसरे राष्ट्रपति बने, लेकिन इसके बाद भी उनका जीवन बेहद सादा रहा। कहा जाता है कि जब वे राज्यसभा के सभापति थे, तो सदन में तीखी बहस होने पर वे अचानक संस्कृत के श्लोक या बाइबिल की पंक्तियां पढ़ने लगते थे, जिससे तनाव भरा माहौल तुरंत शांत हो जाता था।


1962 में जब उन्होंने राष्ट्रपति का पद संभाला, तो उनके कुछ पुराने छात्रों और दोस्तों ने 5 सितंबर को उनका जन्मदिन बड़े स्तर पर मनाने की इजाजत मांगी। इस पर उन्होंने बड़ी विनम्रता से जवाब दिया, जो उनके महान चरित्र का सबसे बड़ा सबूत है। उन्होंने कहा था, 'मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय, अगर 5 सितंबर को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाए, तो यह मेरे लिए गर्व की बात होगी।' तभी से हर साल 5 सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

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