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Chamba News: रात के अंधेरे में फसल चट कर रहे जंगली सुअर

Fri, 21 Aug 2026 11:06 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Fri, 21 Aug 2026 11:06 PM IST
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Wild boars devouring crops in the darkness of the night.
सलूणी क्षेत्र के किसान परेशान, बोले- मक्की को पहुंचा रहे हैं नुकसान
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सिंगाधार, भड़ेला और खरोठी पंचायतों में सबसे ज्यादा कर रहे क्षति
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। बंदरों और लावारिस मवेशियों के आतंक से किसी तरह फसल बचाने में जुटे किसानों के सामने अब जंगली सुअरों ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
ग्राम पंचायत सिंगाधार, भड़ेला और खरोठी में जंगली सुअरों के झुंड रात के समय खेतों में घुसकर तैयार हो रही मक्की की फसल को तहस-नहस कर रहे हैं। फसल में दाने आने शुरू हो चुके हैं और किसान कुछ ही दिनों में कटाई की उम्मीद लगाए बैठे थे,्र लेकिन जंगली सुअरों के हमले ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
किसानों के अनुसार जंगली सुअर रात के अंधेरे में खेतों में पहुंचते हैं और खड़ी मक्की को रौंदने के साथ दाने भी खा जाते हैं। सुबह जब किसान खेतों में पहुंचते हैं तो कई जगह फसल जमीन पर बिखरी मिलती है। कुछ खेतों में सुअरों ने इतनी अधिक तबाही मचाई है कि मक्की की फसल को संभालना भी मुश्किल हो गया है। तैयार फसल को कुछ ही घंटों में बर्बाद होते देख किसान मायूस हैं।
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किसान धर्म सिंह, किशोरी लाल, सोहन लाल, जर्म सिंह, महिंद्र कुमार और केसर कुमार ने बताया कि जंगली सुअरों के कारण अनाज के साथ पशुओं के चारे का संकट भी पैदा हो रहा है। क्षतिग्रस्त मक्की इतनी खराब हो जाती है कि उसे पशुओं को खिलाना भी संभव नहीं रहता। ऐसे में किसानों को खराब फसल खेतों से निकालकर फेंकनी पड़ रही है।
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किसानों ने कहा कि खेती पहले ही बंदरों और लावारिस पशुओं के कारण चुनौती बनी हुई है। अब जंगली सुअरों के बढ़ते आतंक से खेती करना और मुश्किल हो गया है। मक्की की फसल उनके परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। फसल खराब होने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा।

किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करवाकर जंगली सुअरों से फसल बचाने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने की मांग की है।
एसडीएम सलूणी सुरेंद्र कुमार कटोच ने बताया कि जंगली सुअरों द्वारा फसल नष्ट करने की कई शिकायतें मिली हैं। समस्या के समाधान के लिए वन विभाग को भी अवगत करवाया जा रहा है।
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