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Sirsa News: हड़ताल ने थामी सफाई की रफ्तार, कूड़े के ढेरों में घिरा रानियां
Fri, 21 Aug 2026 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 21 Aug 2026 11:20 PM IST
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रानियां में प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी।
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रानियां। सफाई कर्मचारियों की 16 दिन से जारी कामबंद हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी से उतार दिया है। गलियों, बाजारों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। दुर्गंध से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है।
कूड़े के आसपास मक्खी-मच्छरों और आवारा पशुओं का जमावड़ा बढ़ गया है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
हड़ताल का असर बाजारों पर भी पड़ा है। दुकानदारों के अनुसार गंदगी और दुर्गंध के कारण ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से खरीदारी के लिए आने वालों की संख्या भी कम हुई है।
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मांगों पर अड़े कर्मचारी
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबित मांगों के साथ पूर्व में स्वीकार मांगें भी लागू नहीं हुई हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया है। शहरवासियों ने सरकार और प्रशासन से बातचीत कर मांगों का जल्द समाधान करने तथा सफाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है।
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कूड़े के आसपास मक्खी-मच्छरों और आवारा पशुओं का जमावड़ा बढ़ गया है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
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हड़ताल का असर बाजारों पर भी पड़ा है। दुकानदारों के अनुसार गंदगी और दुर्गंध के कारण ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से खरीदारी के लिए आने वालों की संख्या भी कम हुई है।
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मांगों पर अड़े कर्मचारी
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबित मांगों के साथ पूर्व में स्वीकार मांगें भी लागू नहीं हुई हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया है। शहरवासियों ने सरकार और प्रशासन से बातचीत कर मांगों का जल्द समाधान करने तथा सफाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है।