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Gurugram News: कैदी की जेल स्थानांतरण की याचिका खारिज
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18 मई 2020 को फर्रुखनगर थाना में दर्ज हुई थी हत्या व अन्य धाराओं में प्राथमिकी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम की एक अदालत ने हत्या के आरोपी बिजेंद्र की जेल स्थानांतरण याचिका खारिज कर दी है। बिजेंद्र ने प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों से जान का खतरा बताते हुए भोंडसी जेल से नूंह जेल में स्थानांतरण की मांग की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि कैदियों के स्थानांतरण का अधिकार केवल महानिदेशक (जेल) के पास है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने यह आदेश दिया है। बिजेंद्र पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-बी)(ए) के तहत मामला दर्ज है। यह मामला पुलिस थाना फर्रुखनगर में 18 मई 2020 को दर्ज एफआईआर संख्या 131 से संबंधित है। बिजेंद्र के वकील ने अदालत को बताया कि गुरुग्राम जेल में विरोधी पक्ष के सदस्य भी बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सदस्य बिजेंद्र को जेल परिसर में जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की फाइल का अध्ययन किया। अदालत ने पाया कि हरियाणा जेल नियम, 2022 के अध्याय 15 के नियम 250 के अनुसार, महानिदेशक (जेल) ही कैदियों को राज्य के भीतर एक जेल से दूसरी जेल में स्थानांतरित कर सकते हैं। नियम में यह प्रावधान है कि स्थानांतरण की सूचना संबंधित अदालत को दी जानी चाहिए। साथ ही, सुनवाई की हर तारीख पर कैदी को अदालत में भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेश करने की व्यवस्था करनी होगी। याचिकाकर्ता के वकील द्वारा उद्धृत कानूनी सिद्धांत वर्तमान मामले में लागू नहीं होते, क्योंकि तथ्य भिन्न हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम की एक अदालत ने हत्या के आरोपी बिजेंद्र की जेल स्थानांतरण याचिका खारिज कर दी है। बिजेंद्र ने प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों से जान का खतरा बताते हुए भोंडसी जेल से नूंह जेल में स्थानांतरण की मांग की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि कैदियों के स्थानांतरण का अधिकार केवल महानिदेशक (जेल) के पास है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने यह आदेश दिया है। बिजेंद्र पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-बी)(ए) के तहत मामला दर्ज है। यह मामला पुलिस थाना फर्रुखनगर में 18 मई 2020 को दर्ज एफआईआर संख्या 131 से संबंधित है। बिजेंद्र के वकील ने अदालत को बताया कि गुरुग्राम जेल में विरोधी पक्ष के सदस्य भी बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सदस्य बिजेंद्र को जेल परिसर में जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की फाइल का अध्ययन किया। अदालत ने पाया कि हरियाणा जेल नियम, 2022 के अध्याय 15 के नियम 250 के अनुसार, महानिदेशक (जेल) ही कैदियों को राज्य के भीतर एक जेल से दूसरी जेल में स्थानांतरित कर सकते हैं। नियम में यह प्रावधान है कि स्थानांतरण की सूचना संबंधित अदालत को दी जानी चाहिए। साथ ही, सुनवाई की हर तारीख पर कैदी को अदालत में भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेश करने की व्यवस्था करनी होगी। याचिकाकर्ता के वकील द्वारा उद्धृत कानूनी सिद्धांत वर्तमान मामले में लागू नहीं होते, क्योंकि तथ्य भिन्न हैं।