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नई तकनीक सीखने की कोई उम्र नहीं होती: डर छोड़ें, छोटे कदमों से शुरुआत करें
Fri, 25 Sep 2026 07:54 AM IST
नितिन गौतम
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 25 Sep 2026 07:54 AM IST
मेरी उम्र 72 साल है और मुझे नई तकनीकें सीखने में डर लगता है कि कहीं कोई धोखा न हो जाए। यूपीआई, स्मार्टफोन चलाना व वीडियो कॉल करने की शुरुआत करना कैसे सीखूं?
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Old Age Pension
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस उम्र में नई तकनीक सीखने से डर लगना बिल्कुल स्वाभाविक है। आपने चिट्ठियों, लैंडलाइन फोन और कागज-कलम के दौर से लेकर आज तक का सफर तय किया है। ऐसे में, स्मार्टफोन के स्क्रीन की चकाचौंध आपको थोड़ा परेशान कर सकती है। लेकिन, यकीन मानिए स्मार्टफोन चलाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ होना जरूरी नहीं है। इसे भी आप उसी तरह आसानी से सीख सकते हैं, जैसे आपने कभी टीवी का रिमोट या एटीएम पहली बार इस्तेमाल करना सीखा था। इसलिए, सबसे पहले मन से यह डर निकालिए कि ‘मुझसे नहीं होगा।’ बिल्कुल होगा, बस शुरुआत छोटी रखनी है।
एक दिन में केवल एक हुनर सीखें : पहले दिन सिर्फ कॉल उठाना और काटना सीखें। फिर, जरूरी नंबर सेव करना। इसके बाद व्हाट्सएप पर संदेश देखना और भेजना शुरू करें। टाइपिंग मुश्किल लगे, तो की-बोर्ड पर बने छोटे माइक के निशान को दबाकर बोलें, फोन खुद-ब-खुद आपकी बात लिख देगा। इसके बाद किसी अपने के साथ वीडियो कॉल करने का अभ्यास करें।
मोबाइल को अपने हिसाब से बनाएं
परिवार के किसी सदस्य से कहकर स्क्रीन के अक्षरों का आकार बड़ा करवा लें। फोन में ‘ईजी या सिंपल मोड’ चालू कराएं, जिससे स्क्रीन साफ दिखेगी और केवल जरूरी चीजें सामने रहेंगी। बार-बार पासवर्ड याद रखने के झंझट से बचने के लिए फिंगरप्रिंट या फेस लॉक का इस्तेमाल करें। जिन लोगों को आप अक्सर फोन करते हैं, उनके नंबर फेवरेट्स में रख लें। इससे जरूरत पड़ने पर नंबर खोजने की परेशानी नहीं होगी।
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गलती होगी, तभी तो सीखेंगे
स्क्रीन पर कुछ गलत दब जाए, तो घबराएं नहीं। बस नीचे दिया गया ‘बैक’ बटन दबाएं या सब बंद करके दोबारा शुरू करें। किसी भरोसेमंद व्यक्ति से कहें कि वह पहले आपको ऐसा करके दिखाए। फिर, खुद से करें। ऐसी, छोटी-छोटी कोशिशें आपका आत्मविश्वास बढ़ाएंगी। इसके अलावा, अपनी एक छोटी ‘टेक डायरी’ बनाएं। किसी भी नए काम के चरणों को उसमें अपनी भाषा में नोट कर लें। एक साथ सब कुछ सीखाने के बजाय रोज केवल 10-15 मिनट कोई एक ही चीज सीखें।
डिजिटल दुनिया में कदम रखें
मोबाइल चलाना आसान हो जाए, तो डिजिटल सेवाओं की ओर बढ़ें। हालांकि, पहले यूट्यूब पर भजन सुनना, मौसम देखना या ऑनलाइन अखबार पढ़ना सीखें। आत्मविश्वास बढ़ने पर ही यूपीआई का इस्तेमाल करें। पैसे भेजने के मामले में जल्दबाजी न करें। अच्छी तरह जांच-परख करने के बाद ही भुगतान करें। अपना यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई कॉल या मैसेज से आपको डराए, पैसे भेजने के लिए दबाव डाले या तुरंत फैसला लेने को कहे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। नई तकनीक सीखने की कोई उम्र नहीं होती। आपको मोबाइल की हर सुविधा जानने की जरूरत भी नहीं है। वही सीखिए, जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाए।
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एक दिन में केवल एक हुनर सीखें : पहले दिन सिर्फ कॉल उठाना और काटना सीखें। फिर, जरूरी नंबर सेव करना। इसके बाद व्हाट्सएप पर संदेश देखना और भेजना शुरू करें। टाइपिंग मुश्किल लगे, तो की-बोर्ड पर बने छोटे माइक के निशान को दबाकर बोलें, फोन खुद-ब-खुद आपकी बात लिख देगा। इसके बाद किसी अपने के साथ वीडियो कॉल करने का अभ्यास करें।
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मोबाइल को अपने हिसाब से बनाएं
परिवार के किसी सदस्य से कहकर स्क्रीन के अक्षरों का आकार बड़ा करवा लें। फोन में ‘ईजी या सिंपल मोड’ चालू कराएं, जिससे स्क्रीन साफ दिखेगी और केवल जरूरी चीजें सामने रहेंगी। बार-बार पासवर्ड याद रखने के झंझट से बचने के लिए फिंगरप्रिंट या फेस लॉक का इस्तेमाल करें। जिन लोगों को आप अक्सर फोन करते हैं, उनके नंबर फेवरेट्स में रख लें। इससे जरूरत पड़ने पर नंबर खोजने की परेशानी नहीं होगी।
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गलती होगी, तभी तो सीखेंगे
स्क्रीन पर कुछ गलत दब जाए, तो घबराएं नहीं। बस नीचे दिया गया ‘बैक’ बटन दबाएं या सब बंद करके दोबारा शुरू करें। किसी भरोसेमंद व्यक्ति से कहें कि वह पहले आपको ऐसा करके दिखाए। फिर, खुद से करें। ऐसी, छोटी-छोटी कोशिशें आपका आत्मविश्वास बढ़ाएंगी। इसके अलावा, अपनी एक छोटी ‘टेक डायरी’ बनाएं। किसी भी नए काम के चरणों को उसमें अपनी भाषा में नोट कर लें। एक साथ सब कुछ सीखाने के बजाय रोज केवल 10-15 मिनट कोई एक ही चीज सीखें।
डिजिटल दुनिया में कदम रखें
मोबाइल चलाना आसान हो जाए, तो डिजिटल सेवाओं की ओर बढ़ें। हालांकि, पहले यूट्यूब पर भजन सुनना, मौसम देखना या ऑनलाइन अखबार पढ़ना सीखें। आत्मविश्वास बढ़ने पर ही यूपीआई का इस्तेमाल करें। पैसे भेजने के मामले में जल्दबाजी न करें। अच्छी तरह जांच-परख करने के बाद ही भुगतान करें। अपना यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई कॉल या मैसेज से आपको डराए, पैसे भेजने के लिए दबाव डाले या तुरंत फैसला लेने को कहे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। नई तकनीक सीखने की कोई उम्र नहीं होती। आपको मोबाइल की हर सुविधा जानने की जरूरत भी नहीं है। वही सीखिए, जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाए।