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Student Credit Card: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि कम कर दी गई! जानिए क्या है सच्चाई, कैसे मिलेगा शिक्षा ऋण?
Fri, 21 Aug 2026 03:24 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Fri, 21 Aug 2026 03:24 PM IST
Bihar Student Credit Card Scheme: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण कटौती वाली बात को नकार दिया है। स्पष्ट कहा है कि सरकार पहले की तुलना में छात्रों को अधिक वित्तीय सहायता दे रही है। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाले शिक्षा ऋण में कटौती के सवाल पर उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि योजना के तहत विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सहायता के विकल्प पहले की तुलना में बढ़ाए गए हैं। योजना के बजट में भी कमी नहीं हुई है, बल्कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 64 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के अनुसार, अब दो लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद दो लाख से चार लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के जरिए उपलब्ध होगी।
उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि पहले चार लाख रुपये तक की राशि बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जाती थी। सरकार का कहना है कि व्यवस्था में बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ऋण के विकल्पों को व्यापक बनाना है। सरकार के अनुसार, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों से जोड़ा गया है। इसके जरिए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत वित्तीय सहायता के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। इसके अलावा पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों के पास पहले से अधिक वित्तीय सहायता के रास्ते उपलब्ध होंगे।
योजना का बजट बढ़ा, 886 से 950 करोड़ हुआ
उच्च शिक्षा विभाग ने आंकड़ों के जरिए भी योजना में कटौती के दावे को खारिज किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 886 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति दी गई थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 950 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई है। इस तरह पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले मौजूदा वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 64 करोड़ रुपये अधिक स्वीकृत किए गए हैं।
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सरकार बोली- वित्तीय सहायता का दायरा बढ़ा
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में वित्तीय सहायता को कम नहीं किया गया है। बल्कि बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम, बैंकों और पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को जोड़कर विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ऋण के विकल्प बढ़ाए गए हैं। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को आसान और संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक कारणों से किसी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो।
बता दें कि 2025 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे तब ही स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव किया गया था। इस योजना के अंतर्गत अब उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए शिक्षा ऋण पूरी तरह ब्याज रहित होगा। इस योजना के तहत पहले सामान्य आवेदकों को 4 लाख रुपए तक के ऋण पर 4 प्रतिशत और महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर छात्रों को केवल 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था। अब इन सभी छात्रों के लिए शिक्षा ऋण पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। पहले 2 लाख रुपए तक के शिक्षा ऋण को 60 मासिक किस्तों (5 वर्ष) में लौटाने का प्रावधान था, जिसे अब बढ़ाकर 84 मासिक किस्तों (7 वर्ष) कर दिया गया है। वहीं, 2 लाख रुपए से अधिक ऋण राशि को 120 मासिक किस्तों (10 वर्ष) में लौटाने की सुविधा दी गई है।
कैसे करें आवेदन, कौन से दस्तावेज चाहिए?
अगर आप भी इस स्कीम में आवेदन करना चाहते हैं। ऐसे में आपको इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना है। आवेदन की प्रक्रिया काफी आसान है। इसमें आपको किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। आप इस वेबसाइट पर विजिट करके इस स्कीम में आवेदन कर सकते हैं। इस स्कीम में आवेदन करने के लिए आपके पास कुछ दस्तावेजों का होना जरूरी है। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, हायर एजुकेशन प्रमाण पत्र, छात्र, माता पिता और गारंटर की फोटो, शैक्षिक प्रमाण पत्र का होना जरूरी है। इसके अलावा योजना का लाभ उठाने के लिए आपका बिहार राज्य का निवासी होना भी जरूरी है।
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उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि पहले चार लाख रुपये तक की राशि बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जाती थी। सरकार का कहना है कि व्यवस्था में बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ऋण के विकल्पों को व्यापक बनाना है। सरकार के अनुसार, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों से जोड़ा गया है। इसके जरिए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत वित्तीय सहायता के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। इसके अलावा पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों के पास पहले से अधिक वित्तीय सहायता के रास्ते उपलब्ध होंगे।
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योजना का बजट बढ़ा, 886 से 950 करोड़ हुआ
उच्च शिक्षा विभाग ने आंकड़ों के जरिए भी योजना में कटौती के दावे को खारिज किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 886 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति दी गई थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 950 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई है। इस तरह पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले मौजूदा वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 64 करोड़ रुपये अधिक स्वीकृत किए गए हैं।
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सरकार बोली- वित्तीय सहायता का दायरा बढ़ा
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में वित्तीय सहायता को कम नहीं किया गया है। बल्कि बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम, बैंकों और पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को जोड़कर विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ऋण के विकल्प बढ़ाए गए हैं। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को आसान और संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक कारणों से किसी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो।
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नीतीश कुमार ने पिछले साल किया था बड़ा बदलावबता दें कि 2025 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे तब ही स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव किया गया था। इस योजना के अंतर्गत अब उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए शिक्षा ऋण पूरी तरह ब्याज रहित होगा। इस योजना के तहत पहले सामान्य आवेदकों को 4 लाख रुपए तक के ऋण पर 4 प्रतिशत और महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर छात्रों को केवल 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था। अब इन सभी छात्रों के लिए शिक्षा ऋण पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। पहले 2 लाख रुपए तक के शिक्षा ऋण को 60 मासिक किस्तों (5 वर्ष) में लौटाने का प्रावधान था, जिसे अब बढ़ाकर 84 मासिक किस्तों (7 वर्ष) कर दिया गया है। वहीं, 2 लाख रुपए से अधिक ऋण राशि को 120 मासिक किस्तों (10 वर्ष) में लौटाने की सुविधा दी गई है।
कैसे करें आवेदन, कौन से दस्तावेज चाहिए?
अगर आप भी इस स्कीम में आवेदन करना चाहते हैं। ऐसे में आपको इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना है। आवेदन की प्रक्रिया काफी आसान है। इसमें आपको किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। आप इस वेबसाइट पर विजिट करके इस स्कीम में आवेदन कर सकते हैं। इस स्कीम में आवेदन करने के लिए आपके पास कुछ दस्तावेजों का होना जरूरी है। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, हायर एजुकेशन प्रमाण पत्र, छात्र, माता पिता और गारंटर की फोटो, शैक्षिक प्रमाण पत्र का होना जरूरी है। इसके अलावा योजना का लाभ उठाने के लिए आपका बिहार राज्य का निवासी होना भी जरूरी है।