विज्ञापन

वीडियो कविता : नागार्जुन- कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास

काव्य डेस्क

Irshaad
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  बाबा नागार्जुन हिन्दी काव्य जगत के एेसे  सितारे थे, जिन्होंने फ़क़ीरी और बेबाक़ी से अपनी अनोखी पहचान बनाई। कबीर की पीढ़ी के महान कवि नागार्जुन की यह कविता 'अकाल'  से उपजी हुई स्थितियों पर आधारित है।    
                                                              
                  

                    
                                            

                        
8 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all