बच्चों की आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्याओं को समय रहते पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने मिशन दृष्टि बिलासपुर का पायलट चरण शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय डियारा और आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की आंखों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार भी मौजूद रहे। पायलट चरण में सामने आए परिणामों ने बच्चों की नियमित दृष्टि जांच की जरूरत को रेखांकित किया है। अब इसी अनुभव के आधार पर एक सितंबर से पूरे जिले में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार कई बच्चे दृष्टि संबंधी परेशानी होने के बावजूद स्वयं इसकी शिकायत नहीं कर पाते। ऐसे में आंखों की समस्या का असर पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ सकता है। बोर्ड पर लिखा स्पष्ट दिखाई नहीं देना, किसी वस्तु पर फोकस करने में कठिनाई, पढ़ाई में ध्यान न लगना या सिरदर्द जैसी शिकायतें इसके संकेत हो सकती हैं। नियमित स्क्रीनिंग से ऐसे बच्चों की पहचान शुरुआती अवस्था में की जा सकती है और समय पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।