विवेचना के दौरान तीन आरोपियों कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल के नाम सामने आए, जिसके आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया। मामले में विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है, जबकि उनसे जिरह की प्रक्रिया अभी शेष है।
इससे पहले आरोपी पक्ष की मांग पर पीड़िता और उसके साथी से जिरह की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। इसके बाद अदालत ने अन्य गवाहों के रूप में विवेचक को तलब किया था। अब विवेचक की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई में देरी हो गई है।
मामला संवेदनशील होने के कारण फास्टट्रैक कोर्ट में इसकी सुनवाई की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो सके। अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी, जिसमें विवेचक की उपस्थिति में आगे की कार्यवाही होने की उम्मीद है।