जिम्मेदारों की अनदेखी के बाद किसान रात-रातभर जागकर खेतों की कर रहे रखवाली
मीरगंज। क्षेत्र के गांवों में छुट्टा पशु घूम-घूम कर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन इनको गोशाला भेजने के बजाए विभाग सिर्फ कागजों में ही कार्रवाई कर रहा है। इससे निपटने के लिए किसान रात-रातभर जागकर खेतों में फसलों की रखवाली कर रहे हैं।
मीरगंज क्षेत्र के सिमरिया, रमपुरा, कपूरपुर, समसपुर, मदनापुर समेत कई गांवों में हालत बदत्तर है। यहां किसान छुट्टा पशुओं के बढ़ते संकट से जूझ रहे हैं। खेत तक पहुंचने वाले रास्तों से लेकर गांव की गलियों और मुख्य मार्गों तक हर तरफ झुंड के झुंड गोवंश घूमते दिख रहे हैं। किसानों की खड़ी फसलों को चर जा रहे हैं। किसानों ने बताया कि ये पशु रात होते ही खेतों में घुस जाते हैं। गन्ना, गेहूं, आलू, सरसों जैसी फसलों को कुछ ही समय में पूरी तरह चौपट कर देते हैं। कई किसान अब रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। वहीं, सरकार द्वारा खोली गई गोशालाओं में भी व्यवस्थाएं धरातल पर कमजोर हैं, जिसके चलते गोवंश खुले में ही घूम रहा है। इस कारण कई किसान अपने खेतों पर प्रतिबंधित कटीते तारों का सहारा ले रहे हैं।
किसानों ने स्वीकारा-खेती में बढ़ गई हैं चुनौतियां
मदनापुर के रामपाल,गीता राम ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि खेती की लागत पहले ही बहुत बढ़ गई है। ऊपर से आवारा गोवंश फसलें उजाड़ रहे हैं। ग्रामीणों को छुट्टा पशुओं को गोशाला भेजने की मांग की है। संवाद
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पर्याप्त संसाधन नहीं, फिर भी प्रयास जारी : बीडीओ
बीडीओ आनंद विजय यादव ने स्वीकार किया कि छुट्टा पशुओं को पकड़ने में कई चुनौतियां हैं। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों की मदद से गांव के आसपास के पशुओं को पकड़ लेते हैं, क्योंकि वे आसानी से नियंत्रित हो जाते हैं। लेकिन जंगलों में रहने वाले गोवंशीय पशु नीलगाय की तरह तेज हरकत करते हैं। कई बार हमला भी कर देते हैं। ऐसे खतरनाक और जंगली स्वभाव वाले पशुओं को पकड़ने के लिए हमारे पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। फिर भी उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीम लगाने की तैयारी की जा रही है।
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किसानों को नहीं मिली छुट्टा पशुओं से निजात
सिरौली। छुट्टा पशुओं से निजात पाने के लिए दो माह पहले शिवपुरी गांव के 100 से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के कैंप कार्यालय आंवला गए। अपना दुखड़ा सुनाया। तब उन्हें आश्वासन मिला। किसानों की समस्या को देखकर मंत्री ने तुरंत डीएम बरेली को फोन से आदेश दिया कि शिवपुरी गांव के लगभग 400 गोवंशों को पकड़कर गोशाला भेजा जाए। तब किसान बेहद खुश थे कि अब हमारी समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन दो महीना बीत जाने के बाद कोई छुट्टा पशुओं को पकड़ने नहीं आया। ठाकुर बुधपाल सिंह चौहान, ढाकन सिंह, पंचू सिंह, उमेश सिंह, सुबोध शर्मा, हरेकृष्ण दिवाकर आदि ने गुहार लगाकर पुशओं को गोशाला भेजने की मांग की है। संवाद
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खेतों में नुकसान करते छुट्टा पशु
खेतों में नुकसान करते छुट्टा पशु