बरेली जिले में धान क्रय केंद्रों की तरह दलहन-तिलहन की खरीद के लिए भी चार क्रय केंद्र खोले गए हैं, जहां अब तक खरीद शून्य है। शनिवार को मंडल क्षेत्र के नोडल अधिकारी/आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता योगेश कुमार ने जिले में धान और दलहन-तिलहन खरीद क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने साथ में मौजूद अधिकारियों से कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक दूरी न तय करनी पड़े, इसके लिए बेहतर होगा कि मंडियों के बजाय ब्लॉक-तहसील स्तर पर क्रय केंद्र खोले जाएं।
निरीक्षण के समय नोडल अधिकारी को दलहन-तिलहन के सभी चार क्रय केंद्रों पर खरीद शून्य मिली। जिस पर उन्होंने किसानों से क्रय केंद्र पर दलहन-तिलहन बेचने के लिए अपील की और केंद्र प्रभारियों को भी किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने सदर गल्ला मंडी और साधन सहकारी समिति भिंडौलिया व बल्लिया में चल रही खरीद व्यवस्था का निरीक्षण किया। क्रय केंद्र पर धान एवं दलहन-तिलहन से संबंधित स्टॉक रजिस्टर और भुगतान की प्रगति जांची। तौल प्रणाली की भी जांच की।
दलहन-तिलहन की खरीद के लिए बल्लिया में खोले गए क्रय केंद्र भी खरीद शून्य होने पर उन्होंने किसानों से बातचीत की। किसानों ने उन्हें उड़द का बाजार भाव 80 से 85 हजार रुपये क्विंटल बताया, जबकि सरकारी मूल्य 7800 रुपये होना कहा। इसी तरह मूंग का प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य करीब 7800 रुपये है, जबकि बाजार में मूंग भी महंगी है। किसानों के इन सुझावों को नोडल अधिकारी ने सुना और नोट भी कराया।