भीषण गर्मी और लू की वजह से लोगों को पेट संबंधी समस्याएं घेर रही हैं। पेट दर्द, उल्टी-दस्त, चक्कर आने के मामले बढ़े हैं। बिजली कटौती की वजह से नींद न आने और बेचैनी की समस्याएं लेकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन सब समस्याओं के मिले-जुले असर से लोगों में तनाव बढ़ रहा है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग में गर्मी और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर किए गए अध्ययन में डिहाइड्रेशन और लू को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस मौसम में केवल गर्मी ही नहीं, बल्कि वायरल, बैक्टीरियल और प्रोटोजोआ संक्रमण भी पेट संबंधी समस्याओं को बढ़ा देते हैं। दूषित पानी और खराब भोजन पेट दर्द और उल्टी-दस्त का कारण बनता है। अधिक तापमान में बाहर रखा भोजन जल्दी खराब हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
पानी की कमी से थकान और तनाव
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ.पुष्पांक वत्स के अनुसार, अत्यधिक गर्मी में शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बना रहता है। इससे निंद्रा चक्र प्रभावित होता है। गर्म और उमस भरे वातावरण में शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। इस वजह से नींद कम होना, बेचैनी, चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ जाता है। शरीर में पानी की कमी थकान और तनाव को बढ़ाने का कारण बनती है।
एमएलएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन के मुताबिक, धूप से सीधे छांव में जाकर बहुत ठंडा पानी पीना या तुरंत एसी में जाना शरीर के लिए झटका लगने जैसा हो सकता है। बाहर 40-45 डिग्री तापमान से सीधे एसी लगे 16-20 डिग्री वाले कमरे में जाने पर शरीर के तापमान का संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में लगातार छींक आना, जुकाम और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने सलाह दी है कि धूप से आने के तुरंत बाद फ्रिज का ठंडा या बर्फ वाला पानी नहीं पीना चाहिए।