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UP: फर्जी केस में फंसाने पर इंस्पेक्टर और चार दरोगाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, साजिश रचने का आरोप

Fri, 05 Dec 2025 01:01 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

इंस्पेक्टर और चार दरोगाओं के खिलाफ झूठे साक्ष्य गढ़ने, साजिश रचने व अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले का खुलासा एंटी करप्शन टीम को सौंपने पर हुआ।
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आरोपी इंस्पेक्टर प्रह्लाद, दरोगा संतोष कुमार यादव, दिनेश कुमार सिंह और राजेश सिंह। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बंथरा थाने में तैनात रहे एक इंस्पेक्टर और चार दरोगा पर बुधवार को पीजीआई थाने में झूठे साक्ष्य गढ़ने, साजिश रचने व अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी पुलिसकर्मियों ने पांच साल पहले एक कारोबारी समेत चार बेगुनाह लोगों को सरिया चोरी के फर्जी केस में गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी जेल भेजे गए थे।

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पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एंटी करप्शन में तैनात इंस्पेक्टर नुरुल हुदा खान ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि बंथरा थाने की पुलिस ने 31 दिसंबर 2020 को बंथरा कस्बा निवासी लोहा कारोबारी विकास गुप्ता और अंबेडकरनगर शिवपुरा निवासी डाला चालक दर्शन जाटव को पकड़ा था। दरोगा संतोष कुमार सिंह की तहरीर पर 18 पीस सरिया चोरी का मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में कोर्ट में पेशकर जेल भेजा गया था।

आरोपियों के बयान के आधार पर बंथरा के पहाड़पुर निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य रंजना सिंह के पति लालता सिंह, उनके बेटे कौशलेंद्र सिंह, सतीश सिंह और शेखपुर के कल्लू गुप्ता को भी आरोपी बनाया गया था। 2022 में लालता और कल्लू को भी गिरफ्तार किया था। ये दोनों भी जेल गए थे। आरोपियों के बयान मनगढ़ंत रूप से दर्ज किए गए थे।
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शासन से शिकायत पर जांच एंटी करप्शन को सौंपी गई तो खुला मामला
रंजना सिंह ने इसकी शिकायत डीजीपी से लेकर शासन तक की थी। तब जांच एंटी करप्शन को सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर नुरुल हुदा ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि सरिया चोरी का मामला पूरी तरह फर्जी था।

पुलिस वालों ने किसी के साथ मिलकर निर्दोष लोगों पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी की। जांच में आए साक्ष्यों के आधार पर तीन दिसंबर को पीजीआई थाने में बंथरा थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर क्राइम प्रहलाद सिंह व चार दरोगा संतोष कुमार, राजेश कुमार, दिनेश कुमार और आलोक कुमार सिंह पर केस दर्ज किया गया है। 

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अभी एक दरोगा लखनऊ में बाकी बहराइच में तैनात

आरोपी दरोगा आलोक कुमार सिंह लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात हैं। थाने से लाइन में रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिसके आधार पर उसका निलंबन होगा। वहीं अन्य आरोपी बहराइच में हैं। इसलिए पीजीआई पुलिस बहराइच एसपी को मामले की रिपोर्ट भेजेगी। तब उन सभी पर निलंबन समेत अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल का कहना है कि एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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