राजधानी लखनऊ के चौक स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर के पास रविवार को गोमती नदी में जो दो शव मिले थे वह मां-बेटे के थे। सोमवार को शवों की शिनाख्त मड़ियांव के लहुरामऊ निवासी कौसर और उनके बेटे अरहान के रूप में हुई। कौसर के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर पिटाई का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्र का कहना है कि कौसर के भाई इमरान सोमवार को फैजुल्लागंज चौकी पहुंचे थे। परिजन तहरीर देते हैं तो रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी पकारिया हसनगंज निवासी कौसर के भाई इमरान ने बताया कि उनकी बहन ससुराल में दो बेटों अरहान (6) और आदिल के साथ रहती थीं। करीब डेढ़ वर्ष पहले उनके पति शादाब की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। शादाब ई रिक्शा चलाते थे। पति की मौत के बाद कौसर सिलाई करके परिवार का खर्च चला रही थीं।
इमरान का आरोप है कि ससुराल वाले कौसर को अक्सर प्रताड़ित करते थे। पति की मौत के बाद यह अभद्रता और बढ़ गई थी। 22 मई को कौसर की ननद और देवर ने उनसे झगड़ा किया। आरोप है कि दोनों ने कौसर की पिटाई भी की, जिससे नाराज होकर वह बेटे अरहान के साथ घर से निकल गई थीं।
ससुराल वालों ने 23 मई को उन्हें कौसर के गायब होने की सूचना दी। परिजनों ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कौसर का फोन बंद था। इमरान परिवार के साथ कौसर की ससुराल पहुंचे। वहां भांजे आदिल ने बताया कि 22 मई को दोपहर में लड़ाई झगड़ा हुआ था। इसके बाद मां घर से निकल गई थीं।
पुलिस चौकी पहुंचे तो हुई जानकारी
कौसर के बड़े भाई इसरार सोमवार को फैजुल्लागंज चौकी पहुंचे और मामले में कार्रवाई के लिए कहा। पुलिस ने उन्हें गोमती नदी में मिले शवों की जानकारी दी। इसके बाद इसरार ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर बहन और भांजे के शवों की शिनाख्त की। परिजनों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। आदिल कक्षा तीन का छात्र है, जबकि अरहान ने अभी स्कूल जाना शुरू किया था।