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होर्मुज पर किसका कब्जा?: ईरान के दावे को अमेरिका ने बताया झूठा, सेंटकॉम बोला- हमारे नियंत्रण में है क्षेत्र
Thu, 08 Oct 2026 10:42 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Thu, 08 Oct 2026 10:42 AM IST
अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दावे और पलटवार तेज हो गए हैं। ईरान की ओर से जलमार्ग पर नियंत्रण और कुछ मार्गों को बंद करने की चेतावनी दी जा रही है, जबकि सेंटकॉम का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाज और करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल अब भी गुजर रहा है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि हो्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया गया है। सेंटकॉम का कहना है कि दुनिया के इस बेहद अहम समुद्री रास्ते से अभी भी व्यापारिक और ऊर्जा से जुड़ा यातायात जारी है और करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल इसके रास्ते से गुजर रहा है।
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ईरान के दावे पर अमेरिका का सीधा पलटवार
सेंटकॉम ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक जनरल ने मीडिया में दावा किया है कि ‘होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है’ और ईरान का इस पर ‘पूरा नियंत्रण’ है। अमेरिकी कमांड ने इसे सीधे तौर पर गलत बताया। सेंटकॉम के मुताबिक, हकीकत यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से इस समय भी जहाज गुजर रहे हैं और इनमें व्यापारिक सामान के साथ ऊर्जा की खेप भी शामिल है। अमेरिकी कमांड ने दावा किया कि करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल भी इस जलमार्ग से गुजर रहा है। साथ ही उसने कहा कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों का इस जलमार्ग पर स्पष्ट नियंत्रण है।
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आईआरजीसी के अधिकारी ने फिर दोहराई तेहरान की बात
यह अमेरिकी बयान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर के सलाहकार मोहम्मदरेजा नकदी के बयान के बाद आया। नकदी ने बुधवार को अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फर्स के साथ बातचीत में एक बार फिर तेहरान का रुख दोहराया। नकदी ने कहा कि जिन समुद्री रास्तों से होने वाले आवागमन को ईरान गैरकानूनी मानता है, उन्हें जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। यानी ईरान की ओर से होर्मुज को लेकर सख्त रुख बरकरार है।
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'युद्ध खत्म करने की शर्तें साफ हैं'
इसी बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने युद्ध को सभी मोर्चों पर खत्म करने और खाड़ी क्षेत्र तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा बहाल करने के लिए अपनी शर्तें ‘स्पष्ट और मजबूती से’ सामने रख दी हैं। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताबिक, बघाई ने कहा कि अमेरिका की ओर से आए प्रस्तावों का जवाब भी ईरान मध्यस्थों के जरिए देगा। यानी दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के बीच बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
ईरान और ओमान के बीच सुरक्षित रास्ते को लेकर बनी सहमति
बघाई ने यह भी बताया कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर एक समझ बनी है। दोनों देश जल्द ही इस समझौते को संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्था के सामने रखेंगे। आधिकारिक ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, बघाई ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ी है। दोनों पक्षों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में आने-जाने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित रास्तों के भौगोलिक निर्देशांक पर सहमति बना ली है। अब इस व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किस तरह दर्ज कराया जाए, इस पर भी समझ बन गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना अमेरिका-ईरान टकराव का सबसे बड़ा मोर्चा
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान सामने आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। दुनिया के ऊर्जा कारोबार के लिए यह जलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां जहाजों की आवाजाही पर किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ युद्ध ‘बहुत जल्दी’ खत्म हो जाएगा और इसके बाद तेल की कीमतें ‘तेजी से नीचे आ जाएंगी।’ ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म कर दिया है।
'ईरान की परमाणु ताकत खत्म'
वॉशिंगटन से सैन एंटोनियो में रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी रैली के लिए रवाना होते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि मौजूदा स्थिति को युद्ध कहा जा सकता है, क्योंकि अमेरिका को ईरान के परमाणु हथियारों से निपटना है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु शक्ति खत्म कर दी है और अगर ईरान के पास परमाणु शक्ति होती तो दुनिया को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि ईरान का ‘पूरा देश’ इस समय तबाह हो चुका है और युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। ट्रंप के मुताबिक, युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी।
ईरान ने तेल मंत्री के इस्तीफे पर ट्रंप को दिया जवाब
दूसरी तरफ, ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहाजेरानी ने ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के तेल मंत्री ने अमेरिकी युद्ध के दबाव में इस्तीफा दिया है। मोहाजेरानी ने ट्रंप के बयान को उनकी अपनी नाकामियों को छिपाने की ‘बेकार कोशिश’ बताया। उन्होंने कहा कि तेल मंत्री का इस्तीफा कमजोरी की निशानी नहीं है, बल्कि यह एक स्थिर राजनीतिक व्यवस्था के भीतर जरूरत के मुताबिक बदलाव और लचीलेपन का उदाहरण है।
ईरान ने कूटनीति का दरवाजा खुला रखा
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा है कि ईरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन देश के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए कूटनीतिक रास्ते पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है। अराघची के मुताबिक, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका के सामने सात दिन की एक प्रस्तावित शांति योजना रखी थी। इस योजना का एक अहम मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना था।
ईरान के प्रस्ताव को ट्रंप ने ठुकराया
ईरान की ओर से प्रस्ताव दिए जाने के एक दिन बाद ट्रंप ने उसे खारिज कर दिया था। इसके बाद अमेरिकी अधिकारियों ने बातचीत को फिर से शुरू करने और युद्ध खत्म करने के लिए एक जवाबी प्रस्ताव सामने रखा। इससे संकेत मिलता है कि एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य दबाव जारी है, तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे बातचीत और मध्यस्थता के रास्ते भी खुले हुए हैं।
'होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण'
ट्रंप ने मंगलवार को भी होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को लेकर अमेरिका के नियंत्रण का दावा दोहराया। उन्होंने यहां तक कहा कि यह जलमार्ग ‘अमेरिकी नौसेना और अमेरिका का है।’ मैरीलैंड के स्पैरो पॉइंट में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को ईरान के खिलाफ इतिहास की सबसे प्रभावी और अभेद्य नाकेबंदियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी नाकेबंदी पहले कभी नहीं देखी गई, जिसमें कोई जहाज अंदर न जा सके। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के बाहर से आने वाली तेल की खेपों की आवाजाही फिर से लगभग उस स्तर तक पहुंच गई है, जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में रही है।
'तेल हुआ तो जहाज पर हमला, नहीं तो डुबो देंगे'
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर ट्रंप ने बेहद कड़ा बयान भी दिया। उन्होंने कहा कि कभी-कभार कोई जहाज वहां से गुजरने की कोशिश करता है। अगर जहाज पर तेल होता है तो उसके केबिन या रडर को निशाना बनाया जाता है और अगर तेल नहीं होता तो जहाज को डुबो दिया जाता है। ट्रंप ने फिर दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य ‘अमेरिकी नौसेना और अमेरिका का है’ और फिलहाल उसी के नियंत्रण में है।
'ईरान की सैन्य ताकत बुरी तरह कमजोर'
इसी कार्यक्रम में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी नौसैनिक ताकत बना रहेगा और ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि ईरान में अमेरिका ‘बेहद अच्छा’ कर रहा है और वहां की सेना लगभग खत्म हो चुकी है। ट्रंप ने ईरान को मध्य पूर्व का ‘बुली’ बताते हुए कहा कि अब उसकी स्थिति पहले जैसी नहीं रही, लेकिन काम अभी पूरा नहीं हुआ है। ट्रंप ने कहा कि अब सवाल सिर्फ यह है कि अमेरिका आगे ‘अच्छे तरीके’ से आगे बढ़ेगा या ‘इतने अच्छे तरीके से नहीं।’ उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही इसका फैसला सामने आ जाएगा।
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‘ब्लॉकेड’ नहीं, ट्रंप के शब्दों में ‘स्टील की दीवार’
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी कार्रवाई को ट्रंप ने नाकेबंदी कहने के बजाय ‘स्टील की दीवार’ बताया। उनका दावा है कि अमेरिकी नौसेना ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के साथ-साथ समुद्री रास्तों पर भी अपना दबाव बनाए हुए है। ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों और ईरान से जुड़े बंदरगाहों के लिए समुद्री यातायात सीमित कर दिया है। हालांकि, सेंटकॉम के ताजा बयान में कहा गया है कि रणनीतिक जलमार्ग से वाणिज्यिक और ऊर्जा यातायात अभी भी जारी है।
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