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WhatsApp Pegasus: पेगासस बनाने वाली कंपनी NSO हैकिंग की जवाबदेह; व्हाट्सएप के पक्ष में अमेरिकी अदालत का फैसला
Sun, 22 Dec 2024 01:13 AM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: शुभम कुमार
Updated Sun, 22 Dec 2024 01:13 AM IST
अमेरिकी अदालत ने मेटा प्लेटफॉर्म्स के व्हाट्सएप के पक्ष में फैसला सुनाया। इस फैसले में इस्राइल की स्पाइवेयर कंपनी एनएसओ ग्रुप को अनधिकृत निगरानी के लिए व्हाट्सएप में स्पाइवेयर स्थापित करने का दोषी पाया गया।
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- फोटो : FREEPIK
विस्तार
एक अमेरिकी अदालत के न्यायाधीश ने शुक्रवार को मेटा प्लेटफॉर्म्स के व्हाट्सएप के पक्ष में फैसला सुनाया। इस फैसले में इस्राइल की स्पाइवेयर कंपनी एनएसओ ग्रुप को अनधिकृत निगरानी के लिए व्हाट्सएप में स्पाइवेयर स्थापित करने का दोषी पाया गया। कैलिफोर्निया के ओकलैंड में अमेरिकी जिला न्यायाधीश फिलिस हैमिल्टन ने व्हाट्सएप के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए एनएसओ ग्रुप को हैकिंग और अनुबंध उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया।
व्हाट्सएप प्रमुख ने बताया गोपनीयता की जीत
अमेरिकी अदालत के इस फैसले के बाद व्हाट्सएप के प्रमुख विल कैथकार्ट ने इसे गोपनीयता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि हमने अपना मामला पेश करने में पांच साल बिताए, क्योंकि हमें यकीन था कि स्पाइवेयर कंपनियां अपनी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए जवाबदेह होंगी। वहीं अदालत के इस फैसले का व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हम एनएसओ के खिलाफ खड़े होने पर गर्व महसूस करते हैं। व्हाट्सएप लोगों के निजी संचार की सुरक्षा करता रहेगा।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सराहना
अमेरिकी अदालत के इस फैसले की साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी सराहना की है। कनाडा के इंटरनेट वॉचडॉग सिटीजन लैब के वरिष्ठ शोधकर्ता जॉन स्कॉट-रेलटन ने इसे स्पाइवेयर उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि आज का फैसला यह स्पष्ट करता है कि एनएसओ ग्रुप कई कानूनों का उल्लंघन करने के लिए जिम्मेदार है।
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एनएसओ ने किया था दावा
एनएसओ ने इस मामले में दावा किया था कि उनका पेगासस स्पाइवेयर केवल कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों द्वारा अपराधों से लड़ने और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने के लिए उपयोग किया जाता है, जिसमें आतंकवादियों और अपराधियों को निशाना बनाया जाता था।
बता दें कि व्हाट्सएप ने 2019 में एनएसओ पर मुकदमा दायर किया था। इसमें आरोप लगाया था कि कंपनी ने 1,400 लोगों के उपकरणों पर पेगासस स्पाइवेयर स्थापित किया था, जिससे पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और असंतुष्टों पर निगरानी रखी गई।
एनएसओ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी
जानकारी के अनुसार एनएसओ ने पहले के फैसले के खिलाफ अपील की थी, लेकिन 2021 में यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स ने इसे खारिज कर दिया और यूएस सुप्रीम कोर्ट ने भी एनएसओ की अपील को नकार दिया। अब मामला आगे बढ़ चुका है।
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व्हाट्सएप प्रमुख ने बताया गोपनीयता की जीत
अमेरिकी अदालत के इस फैसले के बाद व्हाट्सएप के प्रमुख विल कैथकार्ट ने इसे गोपनीयता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि हमने अपना मामला पेश करने में पांच साल बिताए, क्योंकि हमें यकीन था कि स्पाइवेयर कंपनियां अपनी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए जवाबदेह होंगी। वहीं अदालत के इस फैसले का व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हम एनएसओ के खिलाफ खड़े होने पर गर्व महसूस करते हैं। व्हाट्सएप लोगों के निजी संचार की सुरक्षा करता रहेगा।
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साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सराहना
अमेरिकी अदालत के इस फैसले की साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी सराहना की है। कनाडा के इंटरनेट वॉचडॉग सिटीजन लैब के वरिष्ठ शोधकर्ता जॉन स्कॉट-रेलटन ने इसे स्पाइवेयर उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि आज का फैसला यह स्पष्ट करता है कि एनएसओ ग्रुप कई कानूनों का उल्लंघन करने के लिए जिम्मेदार है।
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एनएसओ ने किया था दावा
एनएसओ ने इस मामले में दावा किया था कि उनका पेगासस स्पाइवेयर केवल कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों द्वारा अपराधों से लड़ने और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने के लिए उपयोग किया जाता है, जिसमें आतंकवादियों और अपराधियों को निशाना बनाया जाता था।
बता दें कि व्हाट्सएप ने 2019 में एनएसओ पर मुकदमा दायर किया था। इसमें आरोप लगाया था कि कंपनी ने 1,400 लोगों के उपकरणों पर पेगासस स्पाइवेयर स्थापित किया था, जिससे पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और असंतुष्टों पर निगरानी रखी गई।
एनएसओ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी
जानकारी के अनुसार एनएसओ ने पहले के फैसले के खिलाफ अपील की थी, लेकिन 2021 में यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स ने इसे खारिज कर दिया और यूएस सुप्रीम कोर्ट ने भी एनएसओ की अपील को नकार दिया। अब मामला आगे बढ़ चुका है।