{"_id":"6abb2b84cdf1a003650df5c9","slug":"jaishankar-s-blunt-assessment-of-the-global-landscape-explaining-why-a-unified-perspective-is-essential-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"'दुनिया की मुश्किल हालत में कई टकराव': वैश्विक हालात पर जयशंकर की दो टूक, बताया क्यों जरूरी है एकजुट नजरिया?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
'दुनिया की मुश्किल हालत में कई टकराव': वैश्विक हालात पर जयशंकर की दो टूक, बताया क्यों जरूरी है एकजुट नजरिया?
Tue, 29 Sep 2026 08:37 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एएनआई. नई दिल्ली
एएनआई. नई दिल्ली
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Tue, 29 Sep 2026 08:37 AM IST
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी को संबोधित करते हुए वैश्विक चुनौतियों पर भारत का रुख सामने रखा। उन्होंने संघर्षों और बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा और आपसी निर्भरता का जिक्र किया।
विज्ञापन
विदेश मंत्री एस. जयशंकर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की हाई लेवल वीक के समापन के मौके पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एशिया सोसाइटी को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान जयशंकर ने वैश्विक स्तर पर बदलते हालात, भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत के रुख को सामने रखा।
विज्ञापन
जयशंकर ने एक्स पर क्या लिखा?
विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, 'यूएन हाई-लेवल वीक के आखिर में एशिया सोसाइटी में बात करके खुशी हुई। बातचीत के लिए डैनियल आररसेल का शुक्रिया।' इसके साथ ही उन्होंने अपने संबोधन की मुख्य बातों भी साझा की।
विज्ञापन
न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया एक ज्यादा मल्टीपोलर (बहु-ध्रुवीय) व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, क्योंकि देश बदलते अमेरिका, चीन के साथ उसके संबंधों और व्यापार से जुड़ी पुरानी धारणाओं के बदलने के हिसाब से खुद को ढाल रहे हैं।
विज्ञापन
जोखिम कम करने को लेकर क्या कहा?
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि सरकारें जोखिम कम करने, अपनी साझेदारियों में विविधता लाने और मौजूदा रिश्तों से ज्यादा फायदा उठाने के तरीके खोज रही हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को ज्यादा प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय माहौल के हिसाब से खुद को ढालने की प्रक्रिया बताया। अमेरिका और चीन के बीच संबंधों पर चर्चा करने के बाद उन्होंने कहा, 'बाकी दुनिया अपनी व्यवस्थाएं करने में व्यस्त है।'
'गठबंधन कमजोर हो रहे हैं'
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि गठबंधन कमजोर हो रहे हैं और सबसे ताकतवर देश के अकेले काम करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों के बीच नजदीकी रिश्तों की संभावना भी जताई, साथ ही यह भी कहा कि उनके बीच की प्रतिस्पर्धा इस बात को सीमित करती है कि वे बाकी दुनिया के लिए किन चीज़ों पर सहमत हो सकते हैं।
निर्भरता पर क्या बोले विदेश मंत्री?
उन्होंने कहा कि इस होड़ से बाहर के देश अपने समाधान ढूंढ रहे हैं। वे नए साझेदारों पर विचार कर रहे हैं, मौजूदा रिश्तों को तौल रहे हैं और खुद को रुकावटों से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने आज की कूटनीति के केंद्र में एक विरोधाभास का जिक्र किया। गहरी आर्थिक निर्भरता के साथ-साथ जबरदस्त प्रतिस्पर्धा। उन्होंने कहा कि जब कोई देश इस निर्भरता के जरिए बढ़त हासिल करता है, तो दूसरे देश के खिलाफ इसका इस्तेमाल करने का लालच बढ़ता है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, 'कूटनीति अब एक 'एक्सट्रीम स्पोर्ट' (बहुत जोखिम वाला खेल) बन गई है।' उन्होंने कहा कि सरकारों को ज्यादा जोखिम वाले फैसलों पर तेजी से प्रतिक्रिया देनी होती है, साथ ही लंबी बातचीत के लिए जरूरी धैर्य भी बनाए रखना होता है।
इसके साथ ही इबी जॉर्ज ने संयुक्त राष्ट महासभा के दौरान संयुक्त राष्ट्र सभ्यता गठबंधन के हाई रिप्रेजेंटेटिव मिगुएल मोराटिनोस से मुलाकात की। दोनों ने अप्रैल 2026 में नई दिल्ली की यात्रा के बाद यूएसजी के फीडबैक पर चर्चा की और भविष्य में सहयोग के विकल्पों पर विचार किया।