{"_id":"6abd7a358b4bb896290fe21e","slug":"iran-played-part-in-suspected-terror-incident-at-air-force-base-says-uk-pm-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रिटिश पीएम का दावा: 'वायुसेना अड्डे के पास संदिग्ध आतंकी घटना में ईरान की भूमिका', जांच में क्या मिला?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ब्रिटिश पीएम का दावा: 'वायुसेना अड्डे के पास संदिग्ध आतंकी घटना में ईरान की भूमिका', जांच में क्या मिला?
Thu, 01 Oct 2026 02:38 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, लंदन।
पीटीआई, लंदन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 01 Oct 2026 02:38 AM IST
ब्रिटेन में वायुसेना अड्डे के पास संदिग्ध घटना में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद ईरान की कथित भूमिका सामने आई है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने भूमिका के मजबूत संकेत मिलने की बात कही है। गाड़ियों से पेट्रोल भी मिला, लेकिन विस्फोटक नहीं मिला। इस मामले में अब तक क्या सामने आया? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
विज्ञापन
एंडी बर्नहम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने बुधवार को कहा कि ब्रिटेन का मानना है कि दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड के एक गांव में रॉयल एयर फोर्स के अड्डे के पास हुई घटना में ईरान की भूमिका थी। इस घटना की जांच देश की आतंकवाद रोधी पुलिस कर रही है।
रविवार को पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। सभी की उम्र 20 साल के आसपास है। पुलिस को विलफोर्ड गांव में एक सूचना मिली थी। यह गांव रॉयल एयर फोर्स के फेयरफोर्ड अड्डे के पास है। सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची थी। इसके बाद पांचों लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया।
बर्नहम ने क्या बताया?
इस अड्डे पर बड़ी संख्या में अमेरिकी वायुसेना के जवान और अभियान मौजूद हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संदिग्धों को जमानत दिए जाने पर सवाल उठाया है। बर्नहम ने पत्रकारों से कहा, इस बात के मजबूत संकेत हैं कि ईरान की इसमें भूमिका थी। फिर भी यह पुलिस की एक जटिल और बेहद गंभीर जांच है। इसलिए इस समय मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि उन्होंने सोमवार को कैबिनेट कार्यालय में आपात बैठक की अध्यक्षता की थी। इसे कोबरा बैठक कहा जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात की पुष्टि होने का इंतजार कर रही थी कि वह क्या जानकारी सार्वजनिक कर सकती है। अब सरकार यह पुष्टि कर सकती है कि उसका मानना है कि ईरान की इसमें भूमिका थी। ईरान पहले ही इस घटना में किसी भी तरह की भूमिका से साफ इनकार कर चुका है। लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने इसे 'ईरान को लेकर डर फैलाना' बताया था।
पांचों संदिग्धों को जमानत क्यों मिली?
बर्नहम से पूछा गया कि मामले की गंभीरता के बावजूद गिरफ्तार किए गए पांच लोगों को जमानत क्यों दी गई। इस पर उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि रिहा किए जाने का मतलब वैसा नहीं है, जैसा आम तौर पर समझा जाता है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को जमानत की बेहद कड़ी शर्तों के साथ छोड़ा गया है।
उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी मामले पर पूरी तरह नजर रख रहे हैं। उनके पास इस पर कड़ा नियंत्रण है। उन्होंने लोगों को इसका भरोसा भी दिलाया। इस बीच, 'द टाइम्स' ने खबर दी कि गिरफ्तार किए गए पांच संदिग्धों में से एक ने घटना से करीब एक घंटे पहले खुद अधिकारियों से संपर्क किया था।
जांच में अब तक क्या मिला?
ब्रिटेन की आतंकवाद रोधी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। मंगलवार को पुलिस ने कहा कि अड्डे के पास रोकी गई गाड़ियों में कोई विस्फोटक उपकरण नहीं मिला। हालांकि, पुलिस को गाड़ियों से कुछ मात्रा में पेट्रोल मिला है।
फेयरफोर्ड वायुसेना अड्डे का इस्तेमाल हाल के महीनों में अमेरिकी सेना ने ईरान पर हवाई हमले करने के लिए किया है। इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि इस घटना में 'स्पष्ट रूप से किसी विदेशी पक्ष का हाथ' है। हालांकि, उन्होंने इसके बारे में कोई और जानकारी नहीं दी थी।
विज्ञापन
रविवार को पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। सभी की उम्र 20 साल के आसपास है। पुलिस को विलफोर्ड गांव में एक सूचना मिली थी। यह गांव रॉयल एयर फोर्स के फेयरफोर्ड अड्डे के पास है। सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची थी। इसके बाद पांचों लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
बर्नहम ने क्या बताया?
इस अड्डे पर बड़ी संख्या में अमेरिकी वायुसेना के जवान और अभियान मौजूद हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संदिग्धों को जमानत दिए जाने पर सवाल उठाया है। बर्नहम ने पत्रकारों से कहा, इस बात के मजबूत संकेत हैं कि ईरान की इसमें भूमिका थी। फिर भी यह पुलिस की एक जटिल और बेहद गंभीर जांच है। इसलिए इस समय मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि उन्होंने सोमवार को कैबिनेट कार्यालय में आपात बैठक की अध्यक्षता की थी। इसे कोबरा बैठक कहा जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात की पुष्टि होने का इंतजार कर रही थी कि वह क्या जानकारी सार्वजनिक कर सकती है। अब सरकार यह पुष्टि कर सकती है कि उसका मानना है कि ईरान की इसमें भूमिका थी। ईरान पहले ही इस घटना में किसी भी तरह की भूमिका से साफ इनकार कर चुका है। लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने इसे 'ईरान को लेकर डर फैलाना' बताया था।
पांचों संदिग्धों को जमानत क्यों मिली?
बर्नहम से पूछा गया कि मामले की गंभीरता के बावजूद गिरफ्तार किए गए पांच लोगों को जमानत क्यों दी गई। इस पर उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि रिहा किए जाने का मतलब वैसा नहीं है, जैसा आम तौर पर समझा जाता है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को जमानत की बेहद कड़ी शर्तों के साथ छोड़ा गया है।
उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी मामले पर पूरी तरह नजर रख रहे हैं। उनके पास इस पर कड़ा नियंत्रण है। उन्होंने लोगों को इसका भरोसा भी दिलाया। इस बीच, 'द टाइम्स' ने खबर दी कि गिरफ्तार किए गए पांच संदिग्धों में से एक ने घटना से करीब एक घंटे पहले खुद अधिकारियों से संपर्क किया था।
जांच में अब तक क्या मिला?
ब्रिटेन की आतंकवाद रोधी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। मंगलवार को पुलिस ने कहा कि अड्डे के पास रोकी गई गाड़ियों में कोई विस्फोटक उपकरण नहीं मिला। हालांकि, पुलिस को गाड़ियों से कुछ मात्रा में पेट्रोल मिला है।
फेयरफोर्ड वायुसेना अड्डे का इस्तेमाल हाल के महीनों में अमेरिकी सेना ने ईरान पर हवाई हमले करने के लिए किया है। इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि इस घटना में 'स्पष्ट रूप से किसी विदेशी पक्ष का हाथ' है। हालांकि, उन्होंने इसके बारे में कोई और जानकारी नहीं दी थी।