पाकिस्तान: जेनेवा में यूएन दफ्तर के बाहर लगे पाक विरोधी नारे, प्रदर्शनकारियों ने कहा आतंक को पालना बंद करो
सभी प्रदर्शनकारी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर व गिलगित-बाल्टिस्तान के थे। इनका कहना था कि पाकिस्तान आतंकियों की मदद कर रहा है। वहां कई आतंकी कैंप चल रहे हैं।
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आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया के सामने अपनी किरकिरी करवा चुके पाकिस्तान को बार-बार शर्मसार होना पड़ रहा है। अब रविवार को उसे जेनेवा में यूएन दफ्तर के बाहर विरोध का कड़वा घूंट पीना पड़ा। दरअसल, स्विट्जरलैंड के जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार काउंसिल के सामने जोरदार प्रदर्शन हुआ। इसमें पाकिस्तान विरोधी नारे लगे और मांग की गई कि पाक अपनी जमीं पर पनप रहे आतंकी ठिकानों को खत्म करे।
पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान के थे प्रदर्शनकारी
हाथों में पाक विरोधी बैनर लिए सभी प्रदर्शनकारी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर व गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के थे। इनका कहना है कि पाकिस्तान आतंकियों का मददगार है और दुनिया में आतंक फैलाने में इसका ही हाथ है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अंदर कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं। आतंकी कैंप में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में पाकिस्तान इनकी मदद करना बंद करे और आतंकी ठिकानों को खत्म करे।
दुनिया मान चुकी आतंकियों की इस्लामाबाद कर रहा मदद
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी आतंकवाद का मुद्दा जोर-शोर से उठा। इसमें कई देशों ने यह स्वीकार किया कि पाकिस्तान आतंकियों की मदद कर रहा है। खुद अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने यह माना कि इस्लामाबाद से आतंकी संगठनों को शरण प्राप्त है। वहां कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं। उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
यूएनजीए में इमरान ने बहाए थे घड़ियाली आंसू
संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली में इमरान खान ने आतंकवाद के मुद्दे पर खूब घड़ियाली आंसू बहाए थे। दुनिया की ओर से अलग-थलग किए जाने के डर से उन्होंने कहा था कि दुनिया के तमाम देश पाकिस्तान की तारीफ में दो लफ्ज भी न कह सके। उन्होंने दक्षिणी एशिया में फैली अशांति का ठीकरा भारत के सिर फोड़ना चाहा था, जिसका उन्हें माकूल जवाब भी मिला था।