{"_id":"6a898a8084470a8d11081a43","slug":"the-path-to-har-ki-doon-was-washed-away-by-the-floodwaters-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-121790-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: बारिश के सैलाब में बह गई हरकीदून की राह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: बारिश के सैलाब में बह गई हरकीदून की राह
Sat, 22 Aug 2026 05:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 22 Aug 2026 05:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अतिवृष्टि से पंवाणी में संकट, हरकीदून ट्रैक का मुख्य पैदल पुल क्षतिग्रस्त
ग्रामीणों के साथ पर्यटकों की आवाजाही भी हो गई है जोखिमभरी
पुरोला। मोरी विकासखंड की ग्राम पंचायत पंवाणी में अगस्त की अतिवृष्टि ने ग्रामीणों की आवाजाही, पेयजल व्यवस्था और पर्यटन गतिविधियों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। भारी बारिश से गांव की कई सार्वजनिक परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हो गई है। इनमें हरकीदून ट्रैकिंग रूट को जोड़ने वाला मुख्य पैदल पुल भी शामिल है जिससे ग्रामीणों के साथ ट्रैक पर आने वाले पर्यटकों की आवाजाही जोखिमभरी हो गई है।
ग्राम प्रधान जगतिमा देवी ने उपजिलाधिकारी पुरोला को ज्ञापन भेजकर क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की तत्काल मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की है। प्रधान ने बताया कि अतिवृष्टि से नाकुड़ी से प्राथमिक विद्यालय पंवाणी तक की पेयजल लाइन को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा घराट तोक की पुलिया, गाड़का नामे तोक की आरसीसी पुलिया, रवाडण्डा तोक का पैदल मार्ग व गांव से श्मशान घाट तक जाने वाला पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
सबसे बड़ी चिंता हरकीदून ट्रैकिंग रूट के मुख्य मार्ग पर स्थित पैदल पुल को लेकर है। पुल ग्रामीणों के साथ हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले हजारों पर्यटकों के आवागमन का प्रमुख साधन है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही में दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। साथ ही ट्रेकिंग सीजन के दौरान पर्यटन गतिविधियों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
विज्ञापन
बारिश से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन और संपर्क मार्ग ग्रामीणों की रोजमर्रा की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती सिर्फ मरम्मत की नहीं बल्कि मानसून के बीच सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की भी है। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से सभी क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का जल्द निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
विज्ञापन
ग्रामीणों के साथ पर्यटकों की आवाजाही भी हो गई है जोखिमभरी
पुरोला। मोरी विकासखंड की ग्राम पंचायत पंवाणी में अगस्त की अतिवृष्टि ने ग्रामीणों की आवाजाही, पेयजल व्यवस्था और पर्यटन गतिविधियों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। भारी बारिश से गांव की कई सार्वजनिक परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हो गई है। इनमें हरकीदून ट्रैकिंग रूट को जोड़ने वाला मुख्य पैदल पुल भी शामिल है जिससे ग्रामीणों के साथ ट्रैक पर आने वाले पर्यटकों की आवाजाही जोखिमभरी हो गई है।
ग्राम प्रधान जगतिमा देवी ने उपजिलाधिकारी पुरोला को ज्ञापन भेजकर क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की तत्काल मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की है। प्रधान ने बताया कि अतिवृष्टि से नाकुड़ी से प्राथमिक विद्यालय पंवाणी तक की पेयजल लाइन को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा घराट तोक की पुलिया, गाड़का नामे तोक की आरसीसी पुलिया, रवाडण्डा तोक का पैदल मार्ग व गांव से श्मशान घाट तक जाने वाला पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
विज्ञापन
सबसे बड़ी चिंता हरकीदून ट्रैकिंग रूट के मुख्य मार्ग पर स्थित पैदल पुल को लेकर है। पुल ग्रामीणों के साथ हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले हजारों पर्यटकों के आवागमन का प्रमुख साधन है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही में दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। साथ ही ट्रेकिंग सीजन के दौरान पर्यटन गतिविधियों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
विज्ञापन
बारिश से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन और संपर्क मार्ग ग्रामीणों की रोजमर्रा की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती सिर्फ मरम्मत की नहीं बल्कि मानसून के बीच सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की भी है। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से सभी क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का जल्द निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।