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Udham Singh Nagar News: लिंटर की शटरिंग गिरने से एक की मौत, दो भाई घायल
Sun, 23 Aug 2026 12:39 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 23 Aug 2026 12:39 AM IST
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काशीपुर। निर्माणाधीन मकान के लिंटर की तैयारी के दौरान शटरिंग गिरने से एक भाई की मौत हो गई। हादसे में दो भाई घायल हो गए। मृतक छह भाइयों में तीसरे नंबर का था। युवक की मौत के बाद परिजनों में शोक की लहर है।
शनिवार को मोहल्ला लक्ष्मीपुर पट्टी के खालिक कालोनी क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान के लिंटर की तैयारी चल रही थी। शाम के समय शटरिंग बिछाई जा रही थी। इस दौरान जाकिर (28) पुत्र जमील अपने दो भाइयों शकील और युनूस के साथ वहीं खड़े थे। अचानक शटरिंग का एक हिस्सा गिर गया जिसकी चपेट में आने से तीनों भाई भी नीचे गिर गए। तीनों भाई शटरिंग के सामान के नीचे दब गए। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। एसपी स्वप्निक किशोर सिंह, तहसीलदार पंकज चंदोला और कोतवाल हरेंद्र चौधरी भी मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग और पुलिस की टीम ने तीनों को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए।चिकित्सक ने जांच के बाद जाकिर को मृत घोषित कर लिया। शकील को अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि युनूस को हल्की चोट होने पर प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी।
शव गायब होने से मची अफरातफरी
सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों के जाकिर को मृत घोषित करने के बाद अस्पताल की ओर से पीआई बनाकर काशीपुर कोतवाली भेजी गई। जिसे पाकर दो पुलिसकर्मी शव को मोर्चरी में भेजने के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां शव नहीं मिला। शव गायब होने से पुलिस और अस्पताल कर्मी सकते में आ गए। पूछताछ के बाद पता चला कि परिजनों को सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों के मृत्यु की पुष्टि करने पर यकीन नहीं था, वह उसे लेकर निजी अस्पताल में चले गए हैं। अस्पताल से परिजनों के इस तरह से शव को लेकर जाने से प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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जब बॉडी नहीं तो पीआई क्यों भेजी
अस्पताल से शव गायब होने की बात सामने आने के बाद सीएमएस डॉ. संदीप दीक्षित भी आनन-फानन में अस्पताल पहुंच गए। वहां तैनात कर्मचारियों को फटकारते हुए कहा कि जब यहां शव ही नहीं था तो पुलिस को पीआई भेजने का औचित्य क्या था। उन्होंने कर्मचारियों को भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी।
परिजन शव को लेकर बिना बताए निजी अस्पताल गए थे। जहां से वह सीधे घर चले गए। वह शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर रहे हैं। उनसे वार्ता चल रही है। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
प्रशांत कुमार, सीओ
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शनिवार को मोहल्ला लक्ष्मीपुर पट्टी के खालिक कालोनी क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान के लिंटर की तैयारी चल रही थी। शाम के समय शटरिंग बिछाई जा रही थी। इस दौरान जाकिर (28) पुत्र जमील अपने दो भाइयों शकील और युनूस के साथ वहीं खड़े थे। अचानक शटरिंग का एक हिस्सा गिर गया जिसकी चपेट में आने से तीनों भाई भी नीचे गिर गए। तीनों भाई शटरिंग के सामान के नीचे दब गए। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। एसपी स्वप्निक किशोर सिंह, तहसीलदार पंकज चंदोला और कोतवाल हरेंद्र चौधरी भी मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग और पुलिस की टीम ने तीनों को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए।चिकित्सक ने जांच के बाद जाकिर को मृत घोषित कर लिया। शकील को अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि युनूस को हल्की चोट होने पर प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी।
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शव गायब होने से मची अफरातफरी
सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों के जाकिर को मृत घोषित करने के बाद अस्पताल की ओर से पीआई बनाकर काशीपुर कोतवाली भेजी गई। जिसे पाकर दो पुलिसकर्मी शव को मोर्चरी में भेजने के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां शव नहीं मिला। शव गायब होने से पुलिस और अस्पताल कर्मी सकते में आ गए। पूछताछ के बाद पता चला कि परिजनों को सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों के मृत्यु की पुष्टि करने पर यकीन नहीं था, वह उसे लेकर निजी अस्पताल में चले गए हैं। अस्पताल से परिजनों के इस तरह से शव को लेकर जाने से प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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जब बॉडी नहीं तो पीआई क्यों भेजी
अस्पताल से शव गायब होने की बात सामने आने के बाद सीएमएस डॉ. संदीप दीक्षित भी आनन-फानन में अस्पताल पहुंच गए। वहां तैनात कर्मचारियों को फटकारते हुए कहा कि जब यहां शव ही नहीं था तो पुलिस को पीआई भेजने का औचित्य क्या था। उन्होंने कर्मचारियों को भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी।
परिजन शव को लेकर बिना बताए निजी अस्पताल गए थे। जहां से वह सीधे घर चले गए। वह शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर रहे हैं। उनसे वार्ता चल रही है। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
प्रशांत कुमार, सीओ