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रुद्रपुर: धामी सरकार के खिलाफ बिगड़े बोल पड़े महंगे, मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर लगा ताला

Tue, 01 Sep 2026 11:24 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: Heera Updated Tue, 01 Sep 2026 11:24 AM IST
सार
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रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर स्थित मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर जिला प्रशासन ने ताला डाल दिया है। यह कार्रवाई मदरसे का अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता न होने के कारण की गई। इसके साथ ही एक अन्य मदरसा भी सील किया गया है। 

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Maulana Mufti Mujib madrasa locked in rudrapur
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

 

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रुद्रपुर त्रिशूल चौक पर धामी सरकार के मदरसा बंद करने के फैसले पर बयानबाजी करने वाले मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर जिला प्रशासन ने ताला डाल दिया है। प्रशासन ने बताया कि मदरसा बिना अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की मान्यता के चल रहा था। इसके साथ ही एक अन्य मदरसा भी सील किया गया है।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में धामी सरकार ने मदरसा बोर्ड खत्म कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बना दिया है। नए नियम के तहत सभी मदरसों को प्राधिकरण और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार की इसी सख्ती का कुछ मौलाना विरोध कर रहे हैं।

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जिले में कुल 118 मदरसे हैं, जिनमें से पांच पहले ही बंद हो चुके हैं। 60 मदरसों ने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है, जबकि शेष ने ऑनलाइन आवेदन किया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि मौलाना मुफ्ती मुजीब का मदरसा फैजुल मुस्तफा उधम सिंह नगर में है, जिसमें वह स्वयं प्राचार्य हैं। यह मदरसा मान्यता प्राप्त नहीं था, इसलिए इसे सील कर दिया गया है। दूसरा मदरसा जामियातुल हसनात है, जो जाहिद रजा का है। इसके पास भी मान्यता के आवश्यक दस्तावेज नहीं थे, इसलिए इसे भी सील किया गया है।

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इधर, अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि पूर्व में मदरसा बोर्ड में 452 मदरसे पंजीकृत थे जिन्हें अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेनी है। जो मान्यता नहीं लेंगे, उन्हें बंद किया जाएगा। अभी तक करीब 200 मदरसों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका स्पॉट सर्वे कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्पष्ट कह चुके हैं कि सरकार जो नियम-कानून बनाती है, उसका पालन हर हाल में कराया जाएगा।

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