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Pauri News: बदलते मौसम से बच्चों में बढ़ा संक्रमण
Thu, 20 Aug 2026 04:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 20 Aug 2026 04:25 PM IST
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन पहुंच रहे हैं 70 मरीज
पौड़ी। बदलते मौसम का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल में हर दिन करीब 70 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हितेन जंगपानी ने बताया कि इन दिनों बच्चों में वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। इसके अलावा उल्टी-दस्त और पेट संबंधी समस्याओं से पीड़ित बच्चे भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. जंगपानी ने बताया कि दूषित पानी और बाहर का खाना भी बच्चों के बीमार होने का प्रमुख कारण बन सकता है। ऐसे में बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों को स्वच्छ और उबला हुआ पानी देने और बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज कराने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि बच्चों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त या सर्दी-जुकाम के लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। सावधानी और स्वच्छता अपनाकर बच्चों को मौसमी संक्रमण से काफी हद तक बचाया जा सकता है।
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पौड़ी। बदलते मौसम का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल में हर दिन करीब 70 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हितेन जंगपानी ने बताया कि इन दिनों बच्चों में वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। इसके अलावा उल्टी-दस्त और पेट संबंधी समस्याओं से पीड़ित बच्चे भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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डॉ. जंगपानी ने बताया कि दूषित पानी और बाहर का खाना भी बच्चों के बीमार होने का प्रमुख कारण बन सकता है। ऐसे में बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों को स्वच्छ और उबला हुआ पानी देने और बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज कराने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि बच्चों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त या सर्दी-जुकाम के लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। सावधानी और स्वच्छता अपनाकर बच्चों को मौसमी संक्रमण से काफी हद तक बचाया जा सकता है।