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Almora News: जंगल की हद लांघ रहे तेंदुए, सहम रही पहाड़ की शाम
Thu, 20 Aug 2026 11:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 20 Aug 2026 11:45 PM IST
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में जंगल की हद लांघकर तेंदुए आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लगातार बढ़ रही तेंदुओं की चहलकदमी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ों में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने से शाम होते ही लोग घरों में कैद हो रहे हैं।
अल्मोड़ा वन प्रभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 से अब तक मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में 82 लोग घायल हुए हैं जबकि आठ लोगों की मौत हुई है। मृतकों में छह की मौत तेंदुए और दो की मौत बाघ के हमले में हुई है। वर्ष 2026 में अब तक तीन लोगों की मौत वन्यजीव हमलों में हो चुकी है। कई क्षेत्रों में एक से अधिक तेंदुए सक्रिय हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी डर बना हुआ है। इधर, वन विभाग की कार्रवाई गश्त, जागरूकता, निगरानी और मुआवजा देने तक सीमित नजर आ रही है।
नगर के कई क्षेत्रों में तेंदुओं की चहलकदमी आम हो गई है। खत्याड़ी, दुगालखोला, कर्नाटखोला, पूर्वी पोखरखाली, एडम्स, चीनाखान, धारानौला, मकेड़ी, गोलकरड़ियां, करबला और सिमकनी आदि मोहल्लों में तेंदुए कई बार दिखाई दे चुके हैं। कई स्थानों पर तेंदुओं की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई हैं।
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दुगालखोला में एक साथ तीन तेंदुओं की चहलकदमी कैमरे में दिखाई दी, जबकि खत्याड़ी क्षेत्र में भी एक तेंदुआ रेकी करते हुए सीसीटीवी में कैद हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता के चलते अंधेरा होने के बाद घर से बाहर निकलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
दर्जनों गांवों में दहशत
जिले के हवालबाग, ताकुला, स्याल्दे, ताड़ीखेत, चौखुटिया, दन्या, लमगड़ा, धौलादेवी, भिकियासैंण, सल्ट और द्वाराहाट विकासखंडों के दर्जनों गांवों में तेंदुओं की सक्रियता बढ़ने से लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं। कई क्षेत्रों में दिनदहाड़े तेंदुए दिखाई देने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुओं के डर से बच्चों को स्कूल भेजने में भी अभिभावक हिचक रहे हैं। पशुपालकों को अपने मवेशियों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। लगातार बढ़ रही घटनाओं के बावजूद तेंदुओं से निपटने के लिए प्रभावी इंतजाम नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
हर साल हो रहे बाघों-तेंदुओं के हमले
वर्ष
घायल
मृतक
2022
14
2
2023
16
2
2024
30
0
2025
18
1
2026
4
3
नोट : 2026 में हुई तीन मौतों में एक की मौत तेंदुए और दो की मौत बाघ के हमले में हुई।
मानव- वन्यजीव संघर्ष पर रोकथाम के लिए वन विभाग की टीम लोगों को जागरूक कर रही है। वहीं संवेदनशील क्षेत्रों में तेंदुओं की सक्रितया जानने का लगातार गश्त कर रही है। तेंदुए की दिखाई देने की सूचना पर फौरन टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच कर तेंदुए की गतिविधि जानने को ट्रैप कैमरे स्थापित कर रही है। वहीं चलकदमी नजर आने पर पिंजरे लगाने की भी कार्रवाई की जा रही है।
- अभिमन्यु सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा प्रभाग
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अल्मोड़ा वन प्रभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 से अब तक मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में 82 लोग घायल हुए हैं जबकि आठ लोगों की मौत हुई है। मृतकों में छह की मौत तेंदुए और दो की मौत बाघ के हमले में हुई है। वर्ष 2026 में अब तक तीन लोगों की मौत वन्यजीव हमलों में हो चुकी है। कई क्षेत्रों में एक से अधिक तेंदुए सक्रिय हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी डर बना हुआ है। इधर, वन विभाग की कार्रवाई गश्त, जागरूकता, निगरानी और मुआवजा देने तक सीमित नजर आ रही है।
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नगर के कई क्षेत्रों में तेंदुओं की चहलकदमी आम हो गई है। खत्याड़ी, दुगालखोला, कर्नाटखोला, पूर्वी पोखरखाली, एडम्स, चीनाखान, धारानौला, मकेड़ी, गोलकरड़ियां, करबला और सिमकनी आदि मोहल्लों में तेंदुए कई बार दिखाई दे चुके हैं। कई स्थानों पर तेंदुओं की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई हैं।
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दुगालखोला में एक साथ तीन तेंदुओं की चहलकदमी कैमरे में दिखाई दी, जबकि खत्याड़ी क्षेत्र में भी एक तेंदुआ रेकी करते हुए सीसीटीवी में कैद हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता के चलते अंधेरा होने के बाद घर से बाहर निकलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
दर्जनों गांवों में दहशत
जिले के हवालबाग, ताकुला, स्याल्दे, ताड़ीखेत, चौखुटिया, दन्या, लमगड़ा, धौलादेवी, भिकियासैंण, सल्ट और द्वाराहाट विकासखंडों के दर्जनों गांवों में तेंदुओं की सक्रियता बढ़ने से लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं। कई क्षेत्रों में दिनदहाड़े तेंदुए दिखाई देने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुओं के डर से बच्चों को स्कूल भेजने में भी अभिभावक हिचक रहे हैं। पशुपालकों को अपने मवेशियों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। लगातार बढ़ रही घटनाओं के बावजूद तेंदुओं से निपटने के लिए प्रभावी इंतजाम नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
हर साल हो रहे बाघों-तेंदुओं के हमले
वर्ष
घायल
मृतक
2022
14
2
2023
16
2
2024
30
0
2025
18
1
2026
4
3
नोट : 2026 में हुई तीन मौतों में एक की मौत तेंदुए और दो की मौत बाघ के हमले में हुई।
मानव- वन्यजीव संघर्ष पर रोकथाम के लिए वन विभाग की टीम लोगों को जागरूक कर रही है। वहीं संवेदनशील क्षेत्रों में तेंदुओं की सक्रितया जानने का लगातार गश्त कर रही है। तेंदुए की दिखाई देने की सूचना पर फौरन टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच कर तेंदुए की गतिविधि जानने को ट्रैप कैमरे स्थापित कर रही है। वहीं चलकदमी नजर आने पर पिंजरे लगाने की भी कार्रवाई की जा रही है।
- अभिमन्यु सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा प्रभाग