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Siddharthnagar News: फर्जी ट्रैप के विरोध में लेखपालों का कलम बंद, थाना दिवस का किया बहिष्कार
Sat, 22 Aug 2026 11:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 22 Aug 2026 11:19 PM IST
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सिद्धार्थनगर। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ), एंटी करप्शन और विजिलेंस की कथित गलत और दुर्भावनापूर्ण ट्रैप कार्रवाई के विरोध में शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिलेभर के लेखपालों ने कलम बंद हड़ताल की।
नौगढ़ तहसील में लेखपालों ने थाना दिवस का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। लेखपालों का कहना है कि राजस्व विभाग में काम करने वाले लेखपाल सीधे ग्रामीणों से जुड़े होते हैं। भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण, वरासत समेत तमाम मामलों में उन्हें रोजाना लोगों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में कई बार नियमों के विपरीत काम नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति अथवा दलाल उनसे रंजिश रखने लगता है। संघ का आरोप है कि इसी तरह की रंजिश का फायदा उठाकर कुछ मामलों में झूठी शिकायतों के जरिए कर्मचारियों को फंसाने का प्रयास किया जाता है।
ज्ञापन में कहा गया कि कई मामलों में शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, उसकी रंजिश, निजी स्वार्थ और शिकायत के उद्देश्य की पर्याप्त जांच नहीं की जाती।
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नौगढ़ तहसील में लेखपालों ने थाना दिवस का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। लेखपालों का कहना है कि राजस्व विभाग में काम करने वाले लेखपाल सीधे ग्रामीणों से जुड़े होते हैं। भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण, वरासत समेत तमाम मामलों में उन्हें रोजाना लोगों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में कई बार नियमों के विपरीत काम नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति अथवा दलाल उनसे रंजिश रखने लगता है। संघ का आरोप है कि इसी तरह की रंजिश का फायदा उठाकर कुछ मामलों में झूठी शिकायतों के जरिए कर्मचारियों को फंसाने का प्रयास किया जाता है।
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ज्ञापन में कहा गया कि कई मामलों में शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, उसकी रंजिश, निजी स्वार्थ और शिकायत के उद्देश्य की पर्याप्त जांच नहीं की जाती।