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Sant Kabir Nagar News: पांच सेमी और चढ़ी सरयू, खतरे के निशान से सिर्फ 5 सेमी दूर है नदी
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ढोलबजा गांव जाने के लिए लगाई गईं नावें। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा/ मेंहदावल। जिले में सरयू के जलस्तर में वृद्धि जारी है। 24 घंटे में नदी के पानी में पांच सेमी की वृद्धि हुई है। सरयू बृहस्पतिवार को 79.350 मीटर पर पहुंची। नदी खतरे के निशान से सिर्फ पांच सेमी नीचे है। नदी का पानी बढ़ने और फैलने से 10 गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
यहां आने-जाने के लिए तहसील प्रशासन ने 19 नाव लगाई गईं है। लोग गांव से नाव के जरिये निकलकर आवश्यक कार्य के लिए एमबीडी बांध पर पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर मेंहदावल में 10 सेंटीमीटर राप्ती का जलस्तर घटा है। बृहस्पतिवार की सुबह 8:00 बजे नदी का जलस्तर 79.350 मीटर पर था जो शाम 4:00 बजे भी 79. 350 मीटर रहा।
नदी का पानी बढ़ने से गायघाट दक्षिणी, चकदहा, गुनवतिया, सियर कला, ढोलबजा, कटहा खैरगाड, खरगपुर, सरैया, करनपुर, भौवापार गांव के सभी रास्ते बाढ़ के पानी के कारण अवरुद्ध हो गए हैं। बाढ़ के पानी से धान की फसल डूब गई है।
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किसानों का कहना है कि कुछ दिनों तक बाढ़ का पानी जमा रह गया तो धान की पैदावार मुश्किल होगी।
इधर खालेपुरवा, पटौआ, आगापुर गुलरिहा, छपरा मगरवी का कुर्मियान टोला भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। बाढ़ से प्रभावित गांव के लोग अभी भी अपने-अपने घरों में हैं। गांव वालों का कहना है कि घर में पानी घुसेगा तब कहीं और जाने के बारे में विचार किया जाएगा। अभी आने-जाने का रास्ता केवल अवरुद्ध हुआ है।
फसल और सब्जियों का हुआ नुकसान ःरोसयाबाजार। सरयू के लगातार बढ़ते जलस्तर से जहां नदी के तटवर्ती गांवों में दहशत का माहौल है। वहीं बांध व सरयू के बीच बसे लोगों की फसल बाढ़ के पानी से घिर गई है। लगभग 1200 एकड़ फसल डूब गई है।
विकास खंड पौली में लगातार वृद्धि से रामपुर और पडरिया गांव का 30 घरों का केवटाही पुरवा, नकहा का 20 घरों की बस्ती, 200 घरों का नरायनपुर गांव, छपरा मगर्वी गांव का लगभग 80 घरों का कुर्मीयान टोला व कटहा-भिटहा और नारायनपुर गांव का 150 घरों का गांव जहां बाढ़ के पानी से घिर गया है। पंडरिया भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, माझाखड़गपुर सहित एक दर्जन क्षेत्र के गांवों की लगभग 1200 एकड़ फसल डूब गई है।
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धनघटा/ मेंहदावल। जिले में सरयू के जलस्तर में वृद्धि जारी है। 24 घंटे में नदी के पानी में पांच सेमी की वृद्धि हुई है। सरयू बृहस्पतिवार को 79.350 मीटर पर पहुंची। नदी खतरे के निशान से सिर्फ पांच सेमी नीचे है। नदी का पानी बढ़ने और फैलने से 10 गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
यहां आने-जाने के लिए तहसील प्रशासन ने 19 नाव लगाई गईं है। लोग गांव से नाव के जरिये निकलकर आवश्यक कार्य के लिए एमबीडी बांध पर पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर मेंहदावल में 10 सेंटीमीटर राप्ती का जलस्तर घटा है। बृहस्पतिवार की सुबह 8:00 बजे नदी का जलस्तर 79.350 मीटर पर था जो शाम 4:00 बजे भी 79. 350 मीटर रहा।
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नदी का पानी बढ़ने से गायघाट दक्षिणी, चकदहा, गुनवतिया, सियर कला, ढोलबजा, कटहा खैरगाड, खरगपुर, सरैया, करनपुर, भौवापार गांव के सभी रास्ते बाढ़ के पानी के कारण अवरुद्ध हो गए हैं। बाढ़ के पानी से धान की फसल डूब गई है।
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किसानों का कहना है कि कुछ दिनों तक बाढ़ का पानी जमा रह गया तो धान की पैदावार मुश्किल होगी।
इधर खालेपुरवा, पटौआ, आगापुर गुलरिहा, छपरा मगरवी का कुर्मियान टोला भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। बाढ़ से प्रभावित गांव के लोग अभी भी अपने-अपने घरों में हैं। गांव वालों का कहना है कि घर में पानी घुसेगा तब कहीं और जाने के बारे में विचार किया जाएगा। अभी आने-जाने का रास्ता केवल अवरुद्ध हुआ है।
फसल और सब्जियों का हुआ नुकसान ःरोसयाबाजार। सरयू के लगातार बढ़ते जलस्तर से जहां नदी के तटवर्ती गांवों में दहशत का माहौल है। वहीं बांध व सरयू के बीच बसे लोगों की फसल बाढ़ के पानी से घिर गई है। लगभग 1200 एकड़ फसल डूब गई है।
विकास खंड पौली में लगातार वृद्धि से रामपुर और पडरिया गांव का 30 घरों का केवटाही पुरवा, नकहा का 20 घरों की बस्ती, 200 घरों का नरायनपुर गांव, छपरा मगर्वी गांव का लगभग 80 घरों का कुर्मीयान टोला व कटहा-भिटहा और नारायनपुर गांव का 150 घरों का गांव जहां बाढ़ के पानी से घिर गया है। पंडरिया भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, माझाखड़गपुर सहित एक दर्जन क्षेत्र के गांवों की लगभग 1200 एकड़ फसल डूब गई है।